देवबन्द। CAA और NRC के विराेध में कस्बे की महिलाओं ने रविवार काे एक बार फिर से प्रदर्शन किया। जमीयत उलमा-ए-हिंद ( मौलाना महमूद मदनी गुट ) के बैनर तले ईदगाह मैदान में पहुंची महिलाओं ने नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विराेध में जमकर नारे लगाए।
यह भी पढ़ें: ईमानदारी: रुपयों से भरा बैग कार में भूल गए अजनबी, रकम लाैटाने काे 3 दिन से घूम रहा कार स्वामी
दोपहर करीब दो बजे ईदगाह मैदान पर पुरुषों की काफी भीड़ थी इसी बीच यहां महिलाएं भी पहुंच गई। इनके हाथों में बैनर और चेहराें पर गुस्सा था। नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में यह महिलाएं नगर की अलग-अलग गलियों से हाेती हुई ईदगाह मैदान में पहुंचीं। इस माैके पर जमीयत के दीनी तालीमी बोर्ड के अध्यक्ष व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने शायराना अंदाजा में अपनी बात काे रखते हुए कहा कि,
मैं ये किसके नाम लिखूं जो अलम गुजर रहे हैं।
मेरे शहर जल रहे हैं, मेरे लोग मर रहे हैं।।
इसके बाद वह बाेले कि, बड़े अफसोस का मुकाम है कि हमे मारने वाले और हमे निशाना बनाने वाले किसी और मुल्क के नहीं बल्कि इसी मुल्क के बाशिंदे हैं। बाेले कि, आज मुल्क के हालात इतने खराब हैं कि किसान खुदकुशी कर रहे हैं, कारोबार पूरी तरह ठप हो चुके हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है और जीडीपी सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इतना कहकर वह सीएए के विराेध में बाेले और कहा कि, यह काले कानून सिर्फ मुस्लिमों के लिए नहीं बल्कि हिंदू भाईयों के भी खिलाफ हैं। आने वाले दिनों में उनको भी इसका अहसास होगा कि यह कितना नुकसानदायक है।
यह भी पढ़ें: सहारनपुर : माेमबत्तियां लेकर CAA के पक्ष में जुटे लाेग, ड्रॉन कैमरे से शूट हुआ प्राेग्राम, देखें वीडियो
कारी अफ्फान ने कहा कि सरकार अंग्रेजों की राह पर चलने की कोशिश ना करे। इतिहास गवाह है कि जब इनके आका अंग्रेजों की चमचागिरी कर रहे थे तो हमारे बुजुर्ग अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे। जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली के छात्र नेता फवाद खान व साइमा एस ने संयुक्त रुप से कहा कि सिटीजन हमारा हक है मोदी या अमित शाह हमारा हक नहीं देंगे तो हम उसे छीन सकते हैं।