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शादी से 4 दिन पहले न्यायिक  मजिस्ट्रेट  पर दुष्कर्म का मामला दर्ज
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शादी से 4 दिन पहले न्यायिक मजिस्ट्रेट पर दुष्कर्म का मामला दर्ज

महिला पटवारी की शिकायत- शादी का झांसा देकर तीन साल से यौन शोषण कर रहे थे मजिस्ट्रेट
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सतना

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Rajiv Jain

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Updated: 14 Jun 2018, 10:08 PM IST

पन्ना. जिले की अजयगढ़ कोर्ट में पदस्थ प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज सोनी पर गुरुवार को पुलिस ने दुष्कर्म और दहेज एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। रीवा जिले में पदस्थ महिला पटवारी ने शिकायत की थी कि मनोज सोनी ने शादी का झांसा देकर उसका तीन साल तक यौन शोषण किया। बाद में दहेज में 50 लाख रुपए, 30 तोला सोना, कार और शादी के खर्च की मांग की। इससे असमर्थता जताने पर आरोपी ने दूसरी जगह शादी तय कर ली, जो 18 जून को छतरपुर के एक होटल में होना था। इधर, पुलिस में एफआइआर से एक दिन पहले आरोपी का परिवार छतरपुर स्थित घर में बाहर से ताला लगाकर अंदर बैठा है। आरोपी के पिता ने अपने बेटे को झूठा फंसाने का आरोप लगाया है।
अजयगढ़ पुलिस ने बताया, पीडि़ता ने शिकायत में बताया है कि 2015 में उसके परिवार वाले छतरपुर निवासी मनोज सोनी के घर रिश्ता लेकर गए थे। इसके बाद मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ और दोनों में बातें होने लगीं। आरोपी रीवा कलक्ट्रेट में उसे देखने आया, पसंद किया और शादी की बात आगे बढ़ाने को कहा। इसके बाद युवती को अजयगढ़ बुलाया और शादी का भरोसा दिलाकर मर्जी के विरुद्ध संबंध बनाए। शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद आरोपी ने पीडि़ता को पन्ना के श्री जुगल किशोर मंदिर में बुलाकर 50 लाख रुपए के दहेज की मांग की। 8 अप्रैल को फिर उसी मंदिर में बुलाकर दर्शन के बाद अभद्र व्यवहार किया और थप्पड़ मारा। अन्य लोगों से अवैध संबंध होने का लांछन भी लगाया। इसके बाद डेढ़ करोड़ रुपए दहेज की मांग करने लगा।

 

आरोपी के घर ताला, परिजन अंदर
आरोपी मजिस्ट्रेट के छतरपुर की स्टेट बैंक के पास स्थित घर में बुधवार से ही ताला लगा है, लेकिन अंदर उसके परिजन मौजूद हैं। गुरुवार शाम पत्रिका ने दरवाजा खुलवाया तो आरोपी के पिता बाहर निकले। उन्होंने पीडि़ता के चरित्र पर सवाल उठाए और कहा, उसने मेरे बेटे को फंसाया है। हम कोर्ट जाएंगे, खुद को निर्दोष साबित करेंगे। आरोपी के दो भाइयों धर्मेंद्र और उपेंद्र ने कहा, जब लडक़ी को भैया की शादी का पता चला तो ब्लैकमेलिंग करने लगी।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से मांगी थी मदद
मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष आदर्शमुनि त्रिवेदी ने बताया कि पीडि़ता ने अपने उच्चाधिकारियों और पुलिस से कई बार शिकायत की। कोई कार्रवाई नहीं होने पर उसने 7 जून को उसने मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को आवेदन देकर सहायता मांगी। इस पर एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल पीसी गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर सिविल जज को हटाने की मांग की थी।

पीडि़ता की शिकायत और दिए गए साक्ष्यों के आधार पर एफआइआर दर्ज कर ली गई है। मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। रजिस्ट्रार जनरल से शिकायत मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। पीडि़ता आवेदन देगी तो नियमानुसार सुरक्षा भी दी जाएगी।
रियाज इकबाल, एसपी, पन्ना