सीधी। सीधी में संजय टाइगर रिजर्व की टीम ने एक और तेंदुए को पिंजरे में कैद किया है। ये तेंदुआ लगातार जिले के गिजोहर व आसपास के गांवों में दहशत फैलाए हुए था। ग्रामीणों का कहना है कि पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ वही तेंदुआ है जो बीते दिनों घर के आंगन में भाई-बहनों के साथ पढ़ाई कर रहे पांच साल के मासूम कमल बैगा को उठाकर ले गया था। पिंजरे में कैद हुए तेंदुए को रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। बता दें कि संजय टाइगर रिजर्व के जंगल में बसे गांवों में तेंदुओं का आतंक बीते कुछ समय में तेजी से बढ़ा है।
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5 साल के मासूम को उठाकर ले गया था तेंदुआ-
बता दें कि बीते महीने 24 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे ग्राम पंचायत खैरी के गिजोहर गांव में 5 साल के मासूम कमल बैगा को खूंखार आदमखोर तेंदुआ उस वक्त उठाकर ले गया था जब मासूम कमल सोलर पैनल की रोशनी में अपने घर के आंगन में बैठकर भाई.बहन के साथ पढ़ाई कर रहा था। मिट्टी की दीवार में बनी बिना जाली की खिडक़ी से कूदकर तेंदुआ आंगन में पहुंचा था और मासूम को उठाकर जंगल की तरफ भाग गया था। बच्चों ने शोर मचाया तो माता.पिता व अन्य लोग तेंदुए के पीछे भागे थे और कुछ दूरी पर जाकर तेंदुए से मासूम कमल को छुड़ा भी लिया था लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी थी।
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गांव के पास लगाए थे पिंजरे-
तेंदुए के द्वारा मासूम बच्चे का शिकार किए जाने की इस घटना से ग्रामीणों में खासा आक्रोश था और तब मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों पर भी ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। घटना के बाद परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर तेंदुए को पकडऩे की मांग की गई थी। ग्रामीणों की मांग पर संजय टाइगर रिजर्व की टीम ने गांव से लगे जंगलों में दो अलग-अलग तेंदुओं के पग मार्क मिलने के बाद अलग-अलग जगह पर दो पिंजरे लगाए थे। जिनमें से एक पिंजरे में बीते शनिवार को तेंदुआ फंस गया था तो वहीं अब बुधवार की सुबह भी एक तेंदुआ पिंजरे में फंसा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिंजरे में कैद हुए इसी तेंदुए ने मासूम बच्चे का शिकार किया था।
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