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सवाई माधोपुर

एशिया की नंबर एक सीमेंट फैक्ट्री बनी अब वन्यजीवों की शरण स्थली

पैंथर , भालू, जरख आदि का बना रहता है मूवमेंट

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सवाईमाधोपुर. कभी जिले की शान व पहचान रही एशिया कर नम्बर एक सीमेंट फै क्ट्री आज देखरेख के अभाव में सालोंं से बंद और उजाड़ पड़ी हुई है। इतना ही नहीं देखरेख के अभाव में फैक्ट्री परिसर में जंगली पेड पौधे व झांडिय़ां उग गई है और फैक्ट्री परिसर अब एक छोटे जंगल के रूप में बदल गई है। ऐसे में फैक्ट्री परिसर में पिछले करीब चार सालों से पैंथर व अन्य कई प्रकार के वन्यजीवों का मूवमेंट बना रहता है। ऐसे में फैक्ट्री एरिया में रहने वाले लोगों में दशहत का माहौल बना रहता है।
जा चुकी है महिला की जान
पूर्व में एक बार फैक्ट्री के जेडी क्वार्टर इलाके में पैंथर के हमले में एक बुजुर्ग महिला की जान भी जा चुकी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले भी यहां एक बार पैंथर एकछोटे बच्चे को उठा कर ले गया था।
दस पैंथर का किया रेस्क्यू
रणथम्भौर के जंगल से निकलकर पैंथर व अन्य वन्यजीव खटुपुरा रेल लाइन को पार करके सीमेंट फैक्ट्री क्षेत्र में पहुंच जाते हैं। लोगों का कहना है कि सीमेंट फैक्ट्री के बंद होने के बाद से ही नियमित सफाई नहीं हो रही है ऐसे में फैक्ट्री परिसर जंगल का रुख लेता जा रहा है। वन विभाग के अनुसार वन विभाग की रेस्क्यू टीम की ओर से पिछले पांच सालों में बंद फैक्ट्री क्षेत्र से करीब दस पैंथर को रेस्क्यू किया है।
वन विभाग ने लगाया पिंजरा
वहीं दूसरी ओर फैक्ट्री में वर्तमान में भी दो से तीन पैंथरों का मूवमेंट बना हुआ है। वन विभाग की ओर से फैक्ट्री परिसर में करीब चार दिनों से पिंजरा लगाया हुआ है लेकिन अब तक पैंथर पिंजरे में कैद नहीं हो पा रहा है।
एक नजर मेें सीमेंट फैक्ट्री…
1987 में बंद हुई थी फैक्ट्री
1990 में दुबारा हुई शुरू
6 माह बाद वापस बंद हुई
365 एकड में है फैक्ट्री परिसर
65 एकड में प्लांट
300 एकड में कॉलोनी में जगह
28 हजार बीघा में है फलौदी में माइंस
ये बोले लोग..
फैक्ट्री बंद होने के बाद से ही देखरेख के अभाव में बदहाल हो रही है। फैक्ट्री परिसर में चारों ओर झाडिय़ां आदि उग गई है। ऐसे में यहां आए दिन वन्यजीवों का मूवमेंट बना रहता है। ऐसे में लोगों में भय का माहौल रहता है।जिला प्रशासन को फैक्ट्री परिसर की सफाई करानी चाहिए।
– वीरेन्द्र सिंह भाया, स्थानीय निवासी।
फैक्ट्री परिसर में पैंथर का मूवमेंट होने से परेशानी है। फैक्ट्री परिसर में लगी झाडिय़ों की सफाई के लिए स्थानीय लोगों व श्रमिक संगठनों को फैक्ट्री प्रबंधन से बात करके समस्या का हल करने का प्रयास करना चाहिए।
– हिम्मत सिंह, सुरक्षा अधिकारी, सीमेंट फैक्ट्री।
सीमेंट फैक्ट्री में पैंथर व अन्य वन्यजीवों का मूवमेंट बना हुआ है। पैंथर का पकडऩे के लिए परिसर में रेस्क्यू टीम ने पिंजरा भी लगाया है।
– संग्राम सिंह, उपवन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।