सवाईमाधोपुर. राज्य सरकार ने भले ही सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बाल गोपाल की इम्युनिटी को मजबूत करने व उनको स्कूलों से जोड़े रखने के लिए फिर से दूध देने की योजना शुरू की है लेकिन यह योजना अब तक फाइलों व कागजों में ही घूम रही है। योजना का अब तक धरातल पर कोई लाभ नहीं मिला है। उधर, सरकार की ओर से दिशा-निर्देश भले ही आ गए हो लेकिन अभी तक स्कूलों में मिल्क पाउडर कब से मिलेगा, इसकी तिथि व आदेश तक नहीं आए है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री ने बाल गोपाल योजना शुरू की है। इसके तहत स्कूलों, मदरसों, संस्कृत विद्यालयों एवं विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों में कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को दूध पिलाया जाएगा।उधर, नौनिहालों के सेहत के गिलास पर अब तक सरकार कुण्डली मारे बैठी है। हालांकि स्कूलों में दूध पाउडर पहुंच गया है लेकिन लंबे समय से आदेशों का इंतजार है।
स्कूलों में रखा 43 हजार 915 किलो दूध पाउडर
जिले की स्कूलों में वर्तमान में 43 हजार 915 किलो दूध पाउडर रखा है। विधालय में शुष्क स्थान पर बक्शे, ड्रम, कार्टून में दूध पाउडर के पैकेट्स रखे है।मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत जिले में दूध पाउडर की सप्लाई माह सितम्बर से 13 अक्टूबर तक की है।
जिले में 1.22 लाख बच्चे लाभ से वंचित
जिले के मिड डे मील से जुड़े 1141 राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1 लाख 22 हजार बच्चे अब तक इस योजना के लाभ से वंचित है। इस योजना का उद्देश्य कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने, राजकीय विद्यालयों में नामांकन में वृद्धि और ड्रॉप आउट रोकना का है।
किस कक्षा को कितना मिलेगा दूध
योजना के तहत राजकीय विद्यालयों व विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों आदि में अध्ययनरत बच्चों को पाउडर से तैयार दूध सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को उपलब्ध कराया जाएगा। इन दिनों में अवकाश होने पर अगले शैक्षणिक दिवस को दूध मुहैया कराया जाएगा। कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को 150 मिलीलीटर और कक्षा छह से आठवीं तक के बच्चों को 200 मिलीलीटर दूध दिया जाएगा। मिड डे मील के माध्यम से जिलेवार पाउडर मिल्क का आवंटन किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों को निर्धारित दिनों में प्रार्थना सभा के तुरंत बाद दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
पहले अन्नपूर्णा योजना में दिया था दूध
बच्चों को दूध देनी की यह योजना पूर्व में भाजपा सरकार ने अन्नपूर्णा दूध योजना के नाम से आरंभ की थी। इसके अंतर्गत सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को स्कूलों में ही दूध पिलाने की व्यवस्था थी। सरकार बदलने के बाद इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद इस वर्ष के बजट में बाल-गोपाल योजना की घोषणा की है। इसमें दूध की बजाय मिल्क पाउडर से दूध बनाकर बच्चों को दिया जाएगा।
फैक्ट फाइल…
-जिले में संचालित कुल सरकारी स्कूल-1141
-इतने विद्यार्थियों को मिलना है दूध-1 लाख 22 हजार
-वित्तीय वर्ष 2022-23 में शुरू की थी बाल गोपाल योजना।
-पहली से आठवीं तक इतने बच्चे होंगे लाभांवित-1 लाख 22 हजार
पहली से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को मिलेगा दूध।
……………………………
नहीं आए है आदेश
मिल्क पाउडर वितरण संबंधित सरकार की ओर से आदेश नहीं आए है। दूध कब तक पिलाया जाएगा, इसके आदेश नहीं आए है। जिले की स्कूलों में वर्तमान में 43 हजार 915 किलो पाउडर रखा है। उच्च स्तरीय आदेश आते ही जिले की स्कूलों में बच्चो को दूध पिलाया जाएगा।
गोविंद दीक्षित, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक,सवाईमाधोपुर