सवाईमाधोपुर. सरसों की कम बोली पर अब किसानों के अरमानों पर फिर से पानी फिरता नजर आ रहा है। आलनपुर रोड स्थित कृषि उपज मण्डी में कम बोली समेत कई समस्याओं को लेकर शनिवार को एक बार फिर किसान विरोध में उतरे। व्यापारियों की ओर से नई सरसों की कम बोली लगाने के विरोध में किसानों ने मण्डी परिसर में हंगामा किया और मण्डी के गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद चार घंटे तक विरोध-प्रदर्शन किया।
कई मुश्किलें और कठोर परिश्रम से पैदा की गई सरसों की कृषि उपज मंडी में आवक शुरू हो गई है । सरसों की आवक के साथ ही भाव घट गए हैं। मंडी में मनमर्जी के भाव लगाए जा रहे हैं । किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष सरसो आठ से नौ हजार तक बिकी थी, जबकि इस वर्ष पांच हजार तक ही खरीदी जा रही है। इससे किसानों में रोष बना है। उधर, सभी किसानों ने इस बार 7500 रुपए से कम सरसों नहीं बेचने का संकल्प लिया।
कम भाव में नहीं बेचे सरसों
किसानों ने समस्याओं को लेकर किसान आंदोलन भूप्रेमी परिवार ने मंडी में धरना प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर कम भाव में सरसो को नहीं बेचने की किसानों से अपील कर कम भाव में की जा रही खरीदी को रुकवाया। आंदोलन के मुकेश कुमार भूप्रेमी ने बताया कि किसानों की मेहनत को संगठित होकर कम भाव में खरीदा जाना एक प्रकार की लूट है। इसका विरोध करते हुए किसानों को जागृत किया जा रहा है। सरसो को किसी भी सूरत में 7-8 हजार से कम में नही बेचे । बैंक या किसी का ऋण चुकाना हो या और कोई खर्चा करना हो उस दबाव से कुछ दिनों के लिए बचकर अच्छे भाव का इंतजार करना होगा।
महापंचायत की दी चेतावनी
धरने स्थल पर आंदोलन के जिम्मेदारों ने बताया कि यदि ठगी और मनमर्जी नहीं रुकी तो जिला मुख्यालय पर जल्द ही किसान महापंचायत के लिए मजबूर होना पड़ेगा। आंदोलन के पटेल शंकरलाल, मथुरालाल, रामलाल, सीताराम आदि ने बताया कि जब तक किसान संगठित नहीं होगा, तब तक यह कंपनियों और व्यापारियों की लूट जिंदाबाद रहेगी। किसानों से कुछ दिनों सरसों को रोकने की अपील की। इस मौके पर विभिन्न किसानों ने कृषि उपज मंडी में व्याप्त मनमर्जी और कम भावों को लेकर अपनी मांगे रखी। इस मौके पर हनुमान पटेल, अवधेश शर्मा,भवानी, प्यारेलाल, जय नारायण चौधरी, सीताराम सैनी आदि मौजूद थे।
11 सूत्री मांगों को लेकर दिया ज्ञापन
धरना स्थल पर तहसीलदार प्रीति मीना, कोतवाली थाना थानाधिकारी चंद्रभान सिंह, मंडी सचिव श्यामसुंदर गुप्ता के साथ किसानों ने मांगो को लेकर वार्ता की। इसके बाद तहसीलदार को किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया। इसमें सरसों की निम्नतम बोली 7500 रखने, बोली की बढ़त 5 रुपए की बजाय कम से कम 50 रुपए, सरसों की छलनी बंद करने, 50 किलो के कट्टे पर ली जाने वाली 14 रुपए की मजदूरी 7 रुपए लेने, खरीद की ढेरी लगवाने की बजाय बन्द बोरी में खरीदी हो या दोनों ही व्यवस्था लागू करने, अंतिम बोली के समय किसान से सम्मानजनक तरीके से सहमति लेने, ट्रक यूनियन भाड़ा कम करने, मंडी में किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं में छाया, पानी, नाश्ता, दवाई, सोने, खाने आदि की व्यवस्था करने, रोजाना मंडी के भाव डिस्प्ले करने, किसानों की योजनाओं के होर्डिंग लगाने, सफाई के अच्छे प्रबन्ध करने, किसान भवन में संचालित ऑफिस को हटाकर भवन किसानों के लिए उपलबध करने, मंडी पर्ची पर हिंदी अंकों की बजाय अंग्रेजी गणित के अंकों में अंकित करने की मांगे रखी। उधर, इन मांगों में से कुछ मांगे मंडी स्तर की जल्द पूरी करने का धरने स्थल पर ही मण्डी सचिव ने भरोसा दिलाया।
इनका कहना है
किसानों ने मण्डी में सरसों की कम बोली सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है। किसानों के मांगपत्र को हमने सरसों को भेज दिया है।
प्रीति मीणा, तहसीलदार, सवाईमाधोपुर
स्वतंत्र है किसान
किसान स्वतंत्र है, जहां भी उचित दाम मिल रहे है, वहां अपनी उपज बेच सकते है। समझाइश व मांगपत्र को सरकार को भेज दिया है।
श्यामसुन्दर गुप्ता,सचिव, कृषि उपज मण्डी, सवाईमाधोपुर