सवाईमाधोपुर. कुष्ठ रोग एक ऐसी बीमारी जो तन में ही विकार नहीं लाती है, मरीज के स्वस्थ मन को भी बीमार करती है। जिले में आज भी इस बीमारी से कई लोग जूझ रहे हैं लेकिन अच्छी बात यह कि पर्याप्त उपचार मिलने से अब वे स्वस्थ हो रहे है। जिले में बीते तीन साल में कुष्ठ रोग के कुल 20 मरीज सामने आए है। इसमें वर्तमान में नौ मरीजों का उपचार चल रहा है और दस मरीज उपचार मुक्त हो चुके है, जबकि एक मरीज की मौत हुई है।
जिले में कुष्ठ रोग से पीडि़त कई मरीज उपचार मुक्त हो चुके हैं। ऐसे में अब दूसरों को कुष्ठ रोग होने का खतरा न के बराबर है। इसके अलावा जिले में पूर्व की तुलना में कुष्ठ रोगियों की संख्या में कमी आई है। बावजूद इस बीमारी के प्रति जागरुक व सतर्क रहने की जरूरत हैं। मंगलवार को कुष्ठ निवारण दिवस मनाया जाएगा। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरुकता लाना व संक्रमण के खतरे को कम करना है।
क्या है कुष्ठ रोग
कुष्ठ एक संक्रामक बीमारी है, जिसकी वजह से त्वचा, श्वसन तंत्र, आंखें और तंत्रिकाएं काफी प्रभावित होती हैं। यह रोग विशेष रूप से त्वचा, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर की नसों को प्रभावित करता है। जिसे परिधीय तंत्रिकाएं कहा जाता है। यह बीमारी मायकोबैक्टीरियम लैप्री नामक बैक्टीरिया के चलते होती है। कुष्ठ रोग से पीडि़त लोगों में इसके मुख्य लक्षणों के रूप में त्वचा में घावए गांठ आदि दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण कई हफ्तों या महीनों तक रह सकते हैं। त्वचा के यह घाव फीके रंग के दिखते हैं।
यह है कुष्ठ रोग के लक्षण
कुष्ठ रोग से पीडि़त व्यक्ति में इसके कुछ सामान्य लक्षण नजर आने लगते हैं। इन लक्षणों में कमजोर मांसपेशियां, त्वचा पर दानेदार उभार, पैर सुन्न होना और त्वचा पर घाव होना प्रमुख है। इस बीमारी से पीडि़त व्यक्ति को हुए यह घाव आसानी से ठीक नहीं होते है। इस बीमारी के होने पर अगर सही समय पर इलाज नहीं मिले तो इससे कुष्ठ रोग त्वचा, नसों, हाथ, पैर और आंखों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही गंभीर स्थिति में किडनी खराब, बांझपन, ग्लूकोमा आदि भी हो सकते हैं।
यूं फैलता है कुष्ठ रोग
कुष्ठ रोग एक संक्रामक बीमारी है, जो पीडि़त व्यक्ति के डिस्चार्ज के संपर्क में आने से फैल सकता है। मायकोबैक्टीरियम लैप्री नाम के बैक्टीरिया से होने वाली इस बीमारी से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से यह बैक्टीरिया हवा में फैलकर स्वस्थ व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है। हालांकि, यह बीमारी छूने से नहीं फैलती है। लेकिन ज्यादा समय तक रोगी के लगातार संपर्क में रहने से इस बीमारी के होने की संभावना बढ़ जाती है।
फैक्ट फाइल…
-जिले में पिछले तीन साल में कुष्ठ रोग के कुल केस-20
-2021-22 में 1 अप्रेल से 31 मार्च तक कुल केस-6
-2022-23 में 1 अप्रेल से 31 मार्च तक कुल केस-7
-2023-24 में एक अप्रेल से 29 जनवरी तक कुल केस-7
-30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा अभियान।
इनका कहना है…
जिले में पिछले कुछ सालों से कुष्ठ रोगियों की संख्या में कमी आई है। यदि किसी व्यक्ति को कुष्ठ रोग संबंधित लक्षण पाए जाते हैं तो वे इसे नजर अंदाज नहीं करते हुए जांच करवाएं। कुष्ठ निवारण दिवस पर सीएमएचओ कार्यालय परिसर में जागरूकता व प्रसार-प्रसार संबंधित कार्यक्रम होगा। इसमें मरीजों को जूते-मौज बांटे जाएंगे। जिला कलक्टर की ओर कुष्ठ रोगियों को शपथ दिलाई जाएगी। लोगों को बीमारी के प्रति जागरुक किया जाएगा।
अनिल कुमार जैमिनी, जिला नोडल अधिकारी, कुष्ठ रोग उन्मुलन सवाईमाधोपुर