सवाईमाधोपुर. राज्य सरकार की ओर से पशुपालकों को राहत दी गई है। सरकार की ओर से एक बार फिर से पशुपालकों के लिए पशुधन बीमा योजना को शुरू कर दिया गया है। ऐसे में अब एक बार फिर से जले में 7 लाख 76 हजार 98 2 पशुओं को स्वास्थ्य का लाभ मिल सकेगा। गौरतलब है कि पूर्व में करीब तीन साल से पशुधन बीमा योजना बंद कर दी गई थी ऐसे में पशुपालकों को लाभ नहीं मिल पा रहा था और ऐसे में पशुपालकों के सामने समस्या हो गई थी।
ऐसे बंद हुई थी पूर्व में योजना
पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017-18 तक अविका कवच समेत अन्य पशु बीमा योजनाएं संचालित होती थी लेकिन 2019 में कांग्रेस सरकार ने बीमा कंपनियों से एमओयू नहीं किया था। हालांकि इस मुद््दे को लेकर बीमा कंपनियों व सरकार स्तर पर वार्ता भी हुई लेकिन सहमति नहीं बनने से सरकार ने योजनाएं ही बंद कर दी। वहीं पिछले चार साल से पशुओं के बीमा को लेकर एक भी योजना संचालित नहीं हो रही थी।
यूं मिलता है मुआवजा
पूर्व भाजपा सरकार ने पशुधन की सुरक्षा के लिए अविका कवच समेत दो योजनाएं शुरू की थी। अविका कवच योजना से गायए भैंस का एक साल के लिए सिर्फ 2ण्75 रुपए में सालभर का बीमा होता था। वहीं 80 फीसदी प्रीमियम राशि सरकार अनुदान के रूप में देती थी। एक साल में यदि पशु की आग, बिजली, बाढ़, आंधी, अकाल समेत अन्य आपदाओं से मौत होने पर पशुपालक को संबंधित बीमा कंपनी को क्लेम देने का प्रावधान था। इसके अलावा दूसरी योजनाओं में भी पशुपालक दो से तीन रुपए में प्रति पशु का बीमा करवा सकते थे।
जिले में पशु आंकड़ों पर एक नजर…
पशुधन पशुओं की संख्या
गाय-बैल 79894
भैंस-भैंसे 307629
भेड़ 112500
बकरियां 259298
खच्चरए घोड़ेए गधे 1009
मुर्गी-मुर्गा 6457
ऊंट 1990
***** 8207
योग 776982
इनका कहना है
सरकार की ओर से 2018 से पशुधन बीमा योजना शुरू कर दी गई है। ऐसे में अब पशुपालक इसका लाभ उठा सकते हैं।
डॉ. बीएल गुप्ता, संयुक्त निदेशक, सवाईमाधोपुर