सवाईमाधोपुर. नगर विकास कर वसूली में नगर परिषद फिसड््डी साबित हो रही है। नगर विकास कर में आ रहे सैकड़ों व्यावसायिक एवं आवासीय भवनों से लम्बे अर्से से वसूली नहीं हो रही है। यही वजह है कि अब तक करीब पांच सौ भवन मालिकों के कर बकाया है। स्थिति यह है कि करीब सात साल से सर्वे नहीं होने से नगरपरिषद को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
परिषद का व्यावसायिक एवं आवासीय भवन मालिकों पर लाखों रुपए राजस्व बकाया चल रहा है। इससे एक ओर परिषद को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। परिषद ने भवन मालिकों को पूर्व में नोटिस थमाए थे लेकिन इनका कोई असर नहीं पड़ा है।
नहीं दिखा रहे रूचि
भवन मालिक भी सरकारी नियमों की अनदेखी कर रहे है। परिषद के अनुसार राज्य सरकार की ओर से नगरीय विकास कर अप्रेल 2007-08 से लागू किया गया था लेकिन सख्ती के अभाव में भवन मालिक कर जमा कराने में रुचि नहीं दिखा रहे। यही वजह है कि परिषद के अब तक करोड़ों रुपए बकाया चल रहे हैं।
सात साल से नहीं किया सर्वे
राज्य सरकार की ओर से स्मार्टराज प्रोजेक्ट के तहत शहरी क्षेत्र में लोगों के मकानों एवं भवनों की सम्पत्तियों के लिए नगरपरिषद की ओर से अंतिम बार 2016 में सर्वे किया गया था। इसके बाद सात साल बीत गए लेकिन अब तक सर्वे की कार्रवाई तक शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में राजस्व अधिकारियों की ओर से कर वसूली में भी ढिलाई बरती जा रही है।
अधिकारी बन रहे है अंजान
नगरपरिषद सीमाक्षेत्र में कितनी प्रोपर्टी है और उन पर कितना बकाया है, इसकी जानकारी अफसरों को तक नहीं है। इसी के चलते नगरपरिषद पूरा कर वसूल नहीं कर पा रही है। ऐसे में सालाना करोड़ों का नुकसान झेलने के बाद भी अधिकारियों की अनदेखी परिषद के लिए भारी पड़ रही है। इससे भवन मालिकों के हौसले बुलंद है।
फैक्ट फाइल…
-मकानों एवं भवनों की सम्पत्तियों के लिए नगरपरिषद ने अंतिम बार 2016 में किया था सर्वे।
-सात साल से राजस्व अधिकारियों ने नहीं किया कोई सर्वे।
-नगरपरिषद क्षेत्र में करीब पांच सौ भवन मालिकों ने नहीं कराया कर जमा।
-100 वर्ग गज से ज्यादा के व्यावसायिक एवं 300 वर्ग गज से ज्यादा के आवासीय भवनों पर नगरीय विकास कर लागू होता है।
-अप्रेल 2077-08 में लागू हुआ था नगरीय विकास कर।
इनका कहना है…
नगरपरिषद क्षेत्र में कर नहीं जमा कराने वाले करीब सौ भवन मालिकों को हमने नोटिस दिया है। जल्द ही व्यवसायिक व आवासीय भवनों का सर्वे किया जाएगा। यदि वे राशि जमा नहीं कराते है तो कर वसूली के लिए सम्पत्ति कुर्क या सीज की जाएगी।
सीमा मीणा, राजस्व अधिकारी, नगरपरिषद सवाईमाधोपुर