सिवनी. मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के द्वितीय चरण के तहत शुक्रवार को जनपद पंचायत परिसर में दिव्यांगजनों के लिए शिविर का आयोजन हुआ। इसमें नवीन प्रमाणपत्र बनाने और समय-सीमा समाप्त हो चुके प्रमाण पत्र का नवीनीकरण किया जाना था। शिविर में सुबह 10 बजे से दिव्यांगजन पहुंचने लगे।
11 बजे से पंजीयन प्रारंभ हुआ। दोपहर दो बजे तक मानसिकबाधित दिव्यांगजनों के स्टॉल पर कोई चिकित्साधिकारी (डॉक्टर) नहीं पहुंचा था। उस समय तक 18 मानसिकबाधित दिव्यांगजनों का पंजीयन हो चुका था।
इसके अलावा अस्थिबाधित 38 दिव्यांगजन, श्रवणबाधित 13, दृष्टिबाधित 18 का पंजीयन दोपहर डेढ़ बजे तक हुआ था। शिविर शुरू होने के एक घंटे बाद चिकित्सकों के पहुंचने का क्रम शुरू हुआ। दो बजे तक मानसिकबाधित स्टॉल को छोड़कर सभी स्टॉल पर चिकित्सक पहुंच चुके थे।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उप संचालक वीरेश सिंह बघेल मौके पर नजर आए। जिन स्टॉलों पर चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। उनको बुलाने के लिए आरएमओ डॉ. पी सूर्या को कॉल कर रहे थे। ग्रामीण क्षेत्र से आए हितग्राही चिकित्सकों के नहीं पहुंचने से पंजीयन के बाद उनका इंतजार करते नजर आए। इस दौरान वे परेशान दिख रहे थे।