20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिवनी

छह माह पहले केवलारी पुलिस ने की पिटाई, पीडि़त भूख हड़ताल पर बैठा

- 21 अक्टूबर को एसआई सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर पिटाई करने का आरोप- थाना प्रभारी बोले, पुलिस ने नहीं की है पिटाई, रविशंकर मांग रहा था पैसे

Google source verification

सिवनी. एडीजी उमेश जोगा के सिवनी पुलिस को कानून का पाठ पढ़ाकर रवाना होने के दूसरे दिन गुरुवार को अंबेडकर तिराहा पर केवलारी निवासी रविशंकर अहिरवार, पत्नी जमुना के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

उनका आरोप है कि केवलारी पुलिस ने 21 अक्टूबर 2022 को थाने में बंदकर उनकी पिटाई की। इससे रविशंकर का हाथ फैक्चर हो गया। उन्होंने इसकी शिकायत 28 अक्टूबर को किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर फरियाद लगाई। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई।


उनका कहना है कि केवलारी निवासी कुछ लोगों के प्रभाव में आकर थाने में तैनात एक एसआई उक्त दिवस को रात में घर पर आया और मारपीट किया। इसके बाद थाने लेकर चला गया। उस दिन थाने में तैनात दूसरे पुलिसकर्मियों ने भी रात में मेरी पिटाई की।

बताया कि परिवार के दूसरे सदस्य को भी पुलिस थाने लेकर गई थी। दूसरे दिन मेरे खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से जमानत मिली। बताया कि पुलिस की पिटाई से मेरा हाथ फैक्चर हो गया। मैंने इसकी शिकायत थाने पहुंचकर की तो पुलिस ने भगा दिया।

पीडि़त रविशंकर की मांग है कि आरोपी एसआई को निलंबित किया जाए। थाना प्रभारी को वहां से हटाया जाए। मारपीट करने वाले दूसरे पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाए। कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी हड़ताल जारी रहेगा।

उधर इस संबंध में केवलारी थाना प्रभारी किशोर वामनकर ने बताया कि घटना के दिन मैं केवलारी में नहीं था। रविशंकर के घर पर मारपीट की शिकायत मिलने के बाद पुलिस उसके घर गई थी। उसे थाना लाया गया था। दूसरे दिन उसके खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया था। थाने में तैनात पुलिसकर्मियों से मैंने इस संबंध में बात किया था। किसी ने भी उसके साथ मारपीट किए जाने की बात नहीं बताई। उसका आरोप झूठा है। बताया कि बीते दिनों वह थाने में आकर मिला था। बोल रहा था कि मुझे पैसे दिलवाइए नहीं तो मैं भूख हड़ताल करुंगा।