सीधी। जिले के परसिली रिसोर्ट में चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव का बघेली और बुंदेली लोक गीतों के साथ रंगारंग समापन हुआ। महोत्सव में देश के अलग-अलग प्रांतो से आये लोक कलाकारों ने लोकगीतों की प्रस्तुति से समा बांध दिया। अंतिम दिन राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पांडेय के बघेली लोकगीत धन्य धन्य आपन बघेली ता धन्य है आपन बोली हो…, रामा धन्य है आपन सीधी जहां आज हम सब…., गीत की प्रस्तुति पर स्रोता झूम उठे।
राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव परसिली का भव्य समापन व्योहारी विधायक शरद कोल और पुलिस अधीक्षक सीधी डॉ.रविंद्र वर्मा की उपस्थिति में किया गया। समारोह के अंत में दोनो अतिथियों ने देश भर से आये कलाकारों का सम्मानित किया। मान्या पांडेय के व्दारा नशामुक्ति पर दादू पिआय गांजा तो बडक़ा पिआय दारु, कपारे मा हाथ धरे रोबय मेहरारू को सुनकर पुलिस अधीक्षक भाव विभोर हो गये। मप्र टूरिज्म बोर्ड भोपाल, जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सहयोग से उत्थान सामाजिक सांस्कृतिक एवं साहित्यिक समिति के द्वारा आयोजित राष्ट्रीय बाणभट्ट महोत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत बाल कलाकार प्रत्यूष व्दिवेदी सतना के भजन से किया गया। उसके बाद शिवांजन भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल के द्वारा बाउल लोक गीत, मानसी तिवारी ने बघेली संस्कार गीत, बलिया उत्तरप्रदेश की लोक गायिका वैष्णवी राय ने भोजपुरी गीत, अर्पणा मिश्रा ने विवाह गीत अंजुरी, कंकण भट्टाचार्य असम ने असामियां, राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पाण्डेय ने आदिवासी लोकगीत टप्पा, कोल दादरा, संजना राज बिहार ने मैथिली लोकगीत, दिव्या द्विवेदी ने बघेली लोकगीत दादरा, झारखंड बिहार के सुभाष राय ने देवी गीत, कपिल तिवारी ने विवाह गीत सोहाग, नरेंद्र बहादुर सिंह ने आदिवासी लोकगीत चना के दार की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। देश भर से आये लोक कलाकारों के द्वारा सामुहिक रूप से बघेली लोकगीत बिरहा की शानदार प्रस्तुति कर दर्शकों का दिल जीत लिया।
बुंदेली लोक गायिका ने लगाया चार चांद-
बुंदेलखंड की राष्ट्रपति से सम्मानित लोक गायिका उर्मिला पांडेय ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये। उनका कार्यक्रम में भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने बुंदेली देवी गीत, विवाह गीत, जेवनार गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनके साथ कोरस में अनामिका पांडेय, सौम्या तिवारी, संगीत में राजेश तिवारी, जीतेंद्र नागर, घनश्याम वंशकार, भास्कर यादव आदि ने संगत दी। इस अवसर पर परसिली रिसोर्ट के प्रबंधक राजेंद्र द्विवेदी, ग्राम पंचायत नोढिय़ा सरपंच ममता संतोष शुक्ला, सुमन कोल, डॉ.मनोज कोल, अखिलेश जायसवाल, सुशीला सिंह, चंद्रकांत सिंह, वीरेंद्र सिंह, डॉ.प्रवेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।
लोककला व संस्कृति बचाने ऐसे आयोजन जरूरी-
पुलिस अधीक्षक डॉ.रविंद्र वर्मा ने कहा, किसी भी क्षेत्र की लोककला व संस्कृति के संरक्षण के लिए इस तरह के आयोजन जरूरी हैं। मैंने मान्या के लोकगीतों और उनके बघेली लोक संस्कृति के प्रति समर्पण को देखा सुना है। यह किसी भी क्षेत्रीय संस्कृति के लिए शुभ संकेत है। व्यौहारी विधायक शरद कोल ने कहा, मान्या बघेली लोकगीतों को देश भर में पहचान दिला रही है, यह हमारे के लिए गर्व की बात है।