सीधी। जिला मुख्यालय स्थित दिव्यांग छात्रावास मधुरी के 14 बच्चों को उल्टी-दस्त के मामले में दो की हालत गंभीर बनी हुई है, उनका जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में उपचार चल रहा है। जबकि 12 बच्चे अब खतरे से बाहर हैं। हालांकि उन्हें अभी अस्पताल से छुट्टी नहीं दी गई है। इधर मामले में संज्ञान लेते हुए कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी द्वारा उपखंड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा तथा सिविल सर्जन डॉ.दीपरानी ईसरानी को स्थिति की पूरी निगरानी रखने तथा बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कलेक्टर ने घटना की विस्तृत जांच के भी निर्देश दिए हैं।
बता दें कि शनिवार को सीधी विकासखंड की दिव्यांग खेल कूद प्रतियोगिता से लौट कर आने के बाद दिव्यांग छात्रावास के 14 बच्चों को उल्टी दस्त की समस्या हो गई थी, जिन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनका अभी भी उपचार जारी है।
ये बच्चे पीआईसीयू वार्ड में-
उल्टी दस्त का शिकार हुए दिव्यांग छात्रावास मधुरी के 14 में से दो की हालत अभी गंभीर बनी हुई है, जिनका पीआईसीयू वार्ड में भर्ती कर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इनमें आशीष पिता रामप्रताप ङ्क्षसह तथा शिवम पिता बाबूलाल कोल शामिल हैं।
प्रेम स्वीट्स गया था लंच पैकेट-
विभागीय अधिकारियों के अनुसा दिव्यांग खेल कूद प्रतियोगिता के लिए शहर के प्रेम स्वीट्स से लंच पैकेट गया था। लेकिन अभी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्चों का स्वास्थ्य लंच पैकेट खाने से बिगड़ा या फिर छात्रावास के भोजन व नास्ते से। अधिकारियों की माने तो प्रतियोगिता में सीधी विकासखंड अंतर्गत विभिन्न शासकीय व निजी स्कूल के करीब 80 दिव्यांग बच्चे शामिल हुए थे। इनमें से 32 बच्चे दिव्यांग छात्रावास मधुरी के बच्चे थे। बीमार होने वाले सभी 14 बच्चे मधुरी छात्रावास के हैं, जबकि लंच पैकेट सभी बच्चों ने खाया था। मधुरी छात्रावास के सभी बच्चे सुबह छात्रावास में नास्ते में पोहा खाया था, इसके बाद करीब 10 बजे खाना खाने के बाद प्रतियोगिता में भाग लेने रवाना हुए थे। अधिकारियों का तर्क है कि यदि लंच पैकेट या छात्रावास के खाने व नास्ते में खराबी होती तो अन्य बच्चे भी बीमार पड़ते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
सभी बच्चे खतरे से बाहर-
मधुरी दिव्यांग छात्रावास के बीमार 14 बच्चों में से 12 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। दो पीआईसीयू में भर्ती हैं, लेकिन वह भी खतरे से बाहर बताए गए हैं। चिकित्सकों ने अपच के कारण उल्टी दस्त होना बताया है। कारण की जांच की जा रही है।
राजेश तिवारी, डीपीसी जिला शिक्षा केंद्र सीधी