26 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीधी
दुर्गंध से बुराहाल, संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा
Play video

दुर्गंध से बुराहाल, संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा

शहर से एकत्रित होने वाले डंप कचरे का हाल, बारिश के बाद मार रहा सड़ांध, नरकीय जीवन जीने को मजबूर सोनाखाड़ गांव के रहवासी

Google source verification

सीधी। नगर पालिका सीधी के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा तारीख पर तारीख देते साल बीत गया, लेकिन शहर से एकत्रित होने वाले कचरे के संधारण की व्यवस्था नहीं बन पाई। शहर के बायपास से लगे ग्राम पंचायत खैरही के सोनाखाड़ गांव के रहवासी इन दिनों नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। शहर से डोर टू डोर एवं बाजार क्षेत्र से एकत्रित होने वाला यहीं डंप किया जा रहा है। बारिश होने के बाद डंप कचरा सड़ गया है, और ऐसी दुर्गंध निकल रही है कि आसपास का पूरा वातावरण दूषित हो गया। आलम यह है कि बायपास से निकलने वाले लोगों को भी नाक दबाकर निकलना पड़ रहा है। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों का क्या हाल होगा इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

सोनाखाड़ गांव के रहवासी डंप कचरे से निकलने वाली दुर्गंध के साथ ही मच्छर और मक्खियों के प्रकोप से परेशान हैं। लोगों के घरों में इस तरह मक्खियां भिनक रही हैं, जैसे मधुमक्खियों के छत्ते पर छेडख़ानी के बाद झुंड में मधुमक्खियां उडऩे लगती हैं। पत्रिका टीम जब सोनाखाड़ पहुंची और रहवासियों से बात की तो उनका दर्द छलक उठा। स्थानीय निवासी सुरेंद्र मिश्रा ने कहा, पूरा गांव संक्रामक बीमारियों की चपेट आता जा रहा है। हर घर मेें कोई न कोई बीमार पड़ा रहता है, जिसका एक मात्र कारण डंप कचरा है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं, शिकायती आवेदन दिया, ऑनलाइन शिकायत की, लेकिन नतीजा सिफर रहा।

15-20 ट्राली हर दिन डंप हो रहा कचरा-
शहर से प्रतिदिन एकत्रित होने वाला कचरा बीते करीब डेढ़ साल से शहर से लगे सोनाखाड़ गांव में बायपास मार्ग के किनारे डंप किया जा रहा है। इस कचरे के कारण गांव में मच्छर व मक्खियों का भी प्रकोप बढ़ गया है, लोग संक्रामक बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं। शहर से प्रतिदिन 15 से 20 ट्राली एकत्रित होने वाला कचरा यहां निजी भूमि में डंप किया जा रहा है। यहां हजारो ट्राली कचरा डंप हो चुका है, बारिश के बाद अब कचरा सड़ांध मारने लगा है।

रेमकी कंपनी से नहीं बन पाई बात-
शासन स्तर से कचरा निष्पादन की जिम्मेदारी रेमकी कंपनी को सौंपी गई थी, लेकिन दो साल पहले ही रेमकी कंपनी ने डोर टू डोर कचरा संग्रहण एवं एकत्रित कचरे के निष्पादन की जिम्मेदारी से हांथ खड़े कर दिये थे। तब से लेकर नगर पालिका द्वारा कोई अन्य व्यवस्था नहीं की जा सकी है। डेढ़ वर्ष से नपा उपाध्यक्ष की बायपास के किनारे स्थित निजी भूमि में कचरा डंप किया जाता है। जब यहां कचरे का ढेर लग जाता है, तब उसका उठाव कर अन्यत्र कहीं फेंका जाता है।

मड़रिया में विरोध के बाद बदला गया था स्थान-
गत वर्ष जनवरी माह में तक शहर के मड़रिया में आईटीआई कॉलेज के पास शहर का एकत्रित कचरा डंप किया जा रहा था। यहां के रहवासियों ने जमकर विरोध किया, और वाहनों के प्रवेश को रोक दिया था, जिसके बाद नगर पालिका के पास कचरा फेंकने के लिए कोई स्थान नहीं था। तब नगर पालिका उपाध्यक्ष दान बहादुर सिंह ने बायपास के किनारे सोनाखाड़ स्थित स्वयं की जमीन पर कचरा फेंकने की अनुमति दी, तब से शहर का एकत्रित होने वाला कचरा वहीं डंप किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने सुनाया दर्द-

नगर पालिका द्वारा फेंके जा रहे कचरे से पूरे गांव में दुर्गंध फैली रहती है। घरों में मच्छर व मक्खियों ने डेरा जमा लिया है। बारिश के बाद तो हालत और भी ज्यादा खराब हो गई है।
अंजना ङ्क्षसह, सोनाखांड़

डंप कचरे की वजह से जीना मुहाल हो रहा है, बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, कई बार शिकायत की जा चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। गांव के हर घर में कोई न कोई बीमार है।
प्रियंका मिश्रा, सोनाखाड़

शहर का कचरा गांव में नियम विरूद्ध तरीके से डंप किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा।
सुरेंंद्र मिश्रा, सोनाखाड़

डंप कचरे की वजह से खाना-पानी दूषित हो रहा है, जिससे बच्चे बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। पूरे घर मेें मच्छर, मक्खियों का डेरा है, दुर्गंध से जीना मुहाल हो गया है।
श्यामकली मिश्रा, सोनाखाड़

एक-दो दिन में हटा दिया जाएगा-
शहर से एकत्रित होने वाले कचरे के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है, कोई सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है। बायपास में फेंकना मजबूरी है। एक-दो दिन में वहां से उठाव करा लिया जाएगा। कचरा निस्तारण के लिए अगले माह तक टेंडर कार्रवाई पूर्ण कर ली जाएगी, जिसके बाद समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा।
मिनी अग्रवाल, सीएमओ नगर पालिका सीधी