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प्रसव के दौरान फर्श पर गिरा नवजात, सिर में आई चोंट, उपचार के दौरान मौत

जिला अस्पताल में प्रसव को लेकर फिर लापरवाही, सिविल सर्जन ने कहा सात माह में हुआ था प्रसव इसलिए बचा नहीं पाए

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सीधी। जिला अस्पताल के प्रसूति कक्ष में प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रसूता का आरोप है कि जब प्रसव पीड़ा तेज हुई तो वहां कोई नर्स मौजूद नहीं थी, जिससे प्रसव के दौरान नवजात शिशु फर्श में गिर गया, उसके सिर में चोंट आई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना से साफ इंकार किया है, उनका तर्क है कि सात माह में ही प्रसव हो गया, नवजात शिशु का वजन बहुत कम (1.3 किग्रा) था। उसे रिकवर करने के लिए एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था, लेकिन वह सरवाइव नहीं कर पाया।

बता दें कि शहर के वार्ड क्रमांक-4 कोटहा के कोहरान मुहल्ला निवासी गुडिय़ा पति राघवेंद्र प्रजापति को प्रसव पीड़ा के दौरान 27 नवंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां 28 नवंबर की शाम 5 बजे प्रसव हुआ। नवजात शिशु को उपचार के लिए एसएनसीयू मेें भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरा 30 नवंबर शनिवार को मौत हो गई।

परिजनों को प्रसूति कक्ष में नहीं रूकने दिया गया-
प्रसूता गुडिय़ा ने विलखते हुए बताया, प्रसव पीड़ा के दौरान मैंने नर्सों से अपने घर की किसी एक महिला को प्रसव कक्ष में रूकने लिए निवेदन किया, लेकिन उन्होंने किसी को भी रूकने नहीं दिया। कक्ष में तो कई नर्स मौजूद थी, लेकिन जब मुझे अत्यंत प्रसव पीड़ा हुई तो मेरे पास कोई नर्स मौजूद नहीं थी, प्रसव के बाद बच्चे झटके में फर्स पर गिर गया था।

नर्स ने कहा, ड्रेस गंदा कर दें क्या-
पीडि़ता ने बताया, जब नवजात शिशु फर्स पर गिर गया तो मैं चिल्लाने लगी, कहने लगी कि प्रसव के समय आप लोगों को बच्चे को नहीं पकड़ा, इसलिए वह गिर गया। तब कहने लगी की, हम अपना ड्रेस गंदा कर लें क्या।

महिला की थी चौथी डिलेवरी-
कोटहा निवासी गुडिय़ा पति राघवेंद्र प्रजापति की यह चौथी डिलेवरी थी, उसके तीन संतान पहले से हैं। इस बच्चा हुआ था। गुडिय़ा ने बताया, मेरे द्वारा पहले भी चेकअप कराया गया था, कोई समस्या नहीं थी, और नॉर्मल डिलेवरी के लिए बताया गया था। डिलेवरी भी नार्मल ही हुई, लेकिन नर्सों की लापरवाही के कारण मेेरे बच्चे की जान चली गई।

वर्जन-
मामला संज्ञान में आने पर मेरे द्वारा पूछताछ की गई है, डिलेवरी सात माह में होने के कारण शिशु का वजन बहुत कम (1.3 किग्रा) था। उसे रिकवर करने के लिए एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था, लेकिन रिकवर नहीं हो पाया। बच्चा फर्श पर नहीं गिरा था।
डॉ.दीपारानी इसरानी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सीधी