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संवेदनहीन होते जा रहे लोग, इसलिए बढ़ रहे महिला अपराध

सीधी प्रवास पर आई फिल्म एक्टर गीता अग्रवाल शर्मा से खास चर्चा

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सीधी। सीधी सिनेमा क्लब के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आई फिल्म एक्टर गीता अग्रवाल शर्मा ने पत्रिका से खास बातचीत में कहा, समाज में केवल महिला अपराध ही नहीं सभी प्रकार के अपराध बढ़ रहे हैं। इसका कारण लोगों में संवेदना कम होना है। एक-दूसरे के प्रति संवेदना कम हो गई है, व्यक्ति स्वयं के बारे में सोच रहा है। सफलता के परिणाम का मायना बदल गया है। पहले सफलता का मापदंड दूसरा था, आपके प्रति लोगों की कितनी सहानुभूति है, यहीं सफल व्यक्ति की पहचान होती थी। लेकिन अब नाम और पैसा कमाना ही सफलता का मापदंड है। इसे अब परिवार की तरफ से भी सही माना जा रहा है, जो कि समाज के लिए और अधिक घातक होता जा रहा है।

महिलाओं को अपने अधिकार के लिए लडऩा होगा-
महिलाओं को आगे बढऩे के लिए जो प्रयास हो रहे हैं, उसके बावजूद सफल महिलाओं की संख्या का प्रतिशत कम है। इस सवाल पर फिल्म एक्टर ने कहा, पुरूष सत्ता की जो मानसिकता है वह हम सबके मन में सदियों से घुसपैठ कर के बैठी हुई है। कामकाजी महिला होने के बाद भी खाना बनाने व बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उसी पर थोपी जाती है। परिवर्तन हो रहा है। जो महिलाएं अपने हक व अधिकार के लिए लड़ी हैं, वह अपने बच्चों को खासकर बेटियों को अधिकार के लिए सजग कर रही हैं। हर महिला को अपने हक व अधिकार के लिए लडऩा होगा, तभी वह सफल हो पाएंगी।

रंगकर्मियों को चुनौतियां से लडऩा होगा-
पत्रिका के सवाल पर गीता ने कहा, रंगकर्म के क्षेत्र में जाने वाले युवाओं के लिए चुनौतियां बहुत है। लेकिन जीवन का आनंद भी उसी में है। जो युवा केवल धन अर्जन को ही सफलता मानते हैं, वह इस फील्ड में उतने सफल नहीं हो पाएंगे। ये वो फील्ड है, जहां आज कमाना है आज खाना है।

फिल्म इंडस्ट्री में संवेदशील लोग-
फिल्म इंडस्ट्री पहले बदनाम थी, यहां शोषण था, लेकिन अब वो समय बदल चुका है। यहां संवेदनशील लोगों की संख्या ज्यादा है। एक दूसरे के आदर व सम्मान की भावना जो मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में देखने को मिलती है, वह शायद ही कहीं दूसरे फील्ड में होगी।

लगन व सिद्दत के साथ सीधी में हो रहा रंगकर्म-
सीधी में रंगकर्म को लेकर किये गए सवाल पर गीता शर्मा ने कहा, सीधी में पूरी लगन व सिद्दत के साथ लगातार काम हो रहा है। इसका बदलाव भी देखने को मिला है। सीधी का रंगकर्म पूरे देश में मिसाल के रूप देखा जाता है। इंद्रवती नाट्य समिति के नीरज कुंदेर व उनके टीम की लगन और मेहनत काबिले तारीफ है।