सीधी। नगर परिषद मझौली में अध्यक्ष सहित पार्षदों के साथ मारपीट के मामले में दूसरे पक्ष की ओर से रॉयल राजपूत संगठन जिला इकाई सीधी द्वारा गुरूवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से एसपी डॉ.रविंद्र वर्मा को बताया गया कि गाली गलौंज व मारपीट की शुरूआत पार्षद हितेश गुप्ता की ओर से की गई थी। साक्ष्य छिपाने के लिए पार्षद द्वारा नगर परिषद में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी डिलीट कर दिये गए हैं। वहीं क्षत्रिय समाज के उन लोगों का भी घटना में नाम शामिल किया जा रहा है, जो न तो घटना स्थल पर मौजूद थे और न ही उनसे इस घटना से कोई लेना देना ही है। संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मामले की निष्पक्ष जांच एवं साक्ष्य विलोपित करने वाले पार्षद के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराये जाने की मांग की है।
रॉयल राजपूत संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया, नगर परिषद मझौली के पार्षद हितेश गुप्ता द्वारा अपने सहयोगियों के साथ 2 नवंबर को अमन होटल के सामने पवित्रम सिंह के साथ मारपीट की गई थी, जिसमें गवाह के रूप में अविनाश सिंह, अनुपम सिंह व जन्मेजय सिंह थे। 25 नवंबर को सुजीत उर्फ अजय विक्रम सिंह अपने वार्ड पार्षद पार्वती भूरे कोल से समग्र आईडी सुधरवाने के लिए परिषद कार्यालय मिलने गए थे, जहां मीटिंग चल रही थी। वहां मीटिंग से बाहर आकर पार्षद हितेश गुप्ता ने उनके साथ गाली गलौज व अभद्रता की। मीटिंग समाप्त होने के बाद बाहर निकलने पर हितेश गुप्ता ने फिर गालियां देते हितेश गुप्ता, रजनीश गुप्ता उर्फ बल्लू, शंकर गुप्ता द्वारा पकड़ कर हाथ मुक्का से मारपीट करने लगे। हल्ला गोहार करने पर अविनाश सिंह, अनुपम सिंह, विनय सिंह, रूद्र सिंह, स्वराज सिंह आकर बीच बचाव किए थे। इस घटना से बचने के लिए घटना के गवाहों के विरूद्ध झूठी कहानी बनाकर फर्जी अपराध पंजीबद्ध कराया गया, एवं सुजीत सिंह द्वारा की गई रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न किए जाने का पुलिस पर दबाव बनाया हुआ है। जिसके कारण पुलिस अपराध पंजीबद्ध नहीं कर रही है। घटना नगर परिषद में लगे सीसीटीव्ही कैमरे में कैद हो गई थी, तो पार्षद हितेश गुप्ता और अध्यक्ष शंकर प्रसाद गुप्ता द्वारा नगर परिषद में लगे सीसीटीव्ही कैमरे की डीवीआर ही निकाल कर अपने घर ले गए। जिसके संबंध में मुख्य नगर परिषद अधिकारी द्वारा अध्यक्ष शंकर प्रसाद गुप्ता से डीवीआर वापस मांगने के लिए जब पत्राचार किया गया तो 1 घंटे बाद डीवीआर वापस किया गया किंतु घटना की फुटेज डिलीट कर दिया गया।
निष्पक्ष जांच नहीं तो पूरे प्रदेश में होगा आंदोलन-
रॉयल राजपूत संगठन ने एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में चेतावनी दी है कि घटना की जांच विधिवत नहीं कराई गई तो संगठन 7 दिवस बाद संपूर्ण मध्य प्रदेश में उग्र आंदोलन, धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश हो जाएगा।