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संजय टाइगर रिजर्व के जंगल में कुएं में मिला बाघ का शव
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संजय टाइगर रिजर्व के जंगल में कुएं में मिला बाघ का शव

शिकार की जताई जा रही आशंका, पीएम के बाद जांच में जुटी टाइगर रिजर्व की टीम

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मझौली/सीधी। संजय टाइगर रिजर्व सीधी में एक नर बाघ की मौत हो गई। गुरूवार की शाम टाइगर रिजर्व सीधी के ब्यौहारी बफर परिक्षेत्र के बीट बडक़ाडोल में गस्ती दल को पुराने उपयोग विहीन कुंआ में नर बाघ मृत देखा गया, नर बाघ की उम्र लगभग 7 वर्ष पाई गई। मृत बाघ को कुएं से निकालकर वन कर्मियों द्वारा अपने कब्जे में लिया गया। डॉक्टरों की टीम से पीएम कराने के बाद उसका नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया। संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के अनुसार मृत बाघ का संपूर्ण शरीर विद्यमान है।

बताते चलें कि संजय टाईगर रिजर्व क्षेत्र के ब्यौहारी रेंज अंतर्गत बडक़ाडोल बीट के बोदारी टोला में 5 सितंबर गुरुवार को जंगल सीमा में बने कुएं में गस्ती दल को बाघ का शव मिलने से विभाग में हलचल मच गई। गस्ती दल ने दोपहर करीब 2 बजे सूखे कुएं में बाघ का शव देखा, इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई। ग्रामीणों की मदद से अपरान्ह करीब 3.30 बजे बाघ के शव को निकाला गया व रात भर शव को बडक़ाडोल में रखने के बाद शुक्रवारक की सुबह जिले के वरिष्ट अधिकारियों की उपस्थिति में शव परीक्षण कराया गया।

बाघ की मौत पर संसय बरकरार-
घटना में अगर तथ्यों पर बात की जाए तो अगर बाघ की मौत कुएं में गिरने से हुई है तो वह भी संदेह के दायरे में है। क्योंकि कूप बिल्कुल सूखा है, जहां स्वस्थ बाघ गिरता तो कम से कम 4 से 5 दिन तक जिंदा रहता।अगर ऐसा नहीं है तो बाघ के शव में दुर्गंध नहीं थी, ऐसे में उसकी मौत 24 घंटे के अंदर होने की चर्चा है। चर्चा है कि शिकारियों द्वारा करंट फैलाकर उसकी हत्या की गई है और मामले को दबाने के लिए उसे सुनियोजित तरीके से एकांत में बने जंगल के सूखे कुएं में डाल दिया गया। अब देखना होगा की जांच में क्या निकलता है। विभागीय सूत्रों की माने तो कुछ संदेहियों को विभाग द्वारा पकड़ कर पूछताछ की जा रही है।

वर्जन-
मृत बाघ के पोस्टमार्टम उपरांत मृत्यु के कारणों का निर्धारण किया जा सकेगा। संपूर्ण कार्रवाई राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा प्रसारित मानक प्रक्रिया अनुरूप संपादित की जा रही है।
अमित कुमार दुबे, क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व सीधी