
सीधी। जिले में लगातार तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। बारिश के इस सीजन में पहली बार लगातार तेज बारिश होने के कारण नदी, नालों में जल का स्तर बढ़ा है। जिले के कई छोटी नदियां उफान पर आ गई हैं, पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागवन भी बाधित हो गया है। सीजन में पहली बार हुई झमाझम बारिश से खेत तालाब भी लवालब हो गये हंै। हालांकि तेज बारिश के कारण समस्याओं का दौर भी शुरू हो गया है, खेतों में ज्यादा पानी भरने व तेज बहाव के कारण फसलों के नुकसानी की चिंता भी किसानों को सता रही है। इधर शहरी अंचल में नालियों के उफान में आने लोगों के घरों व दुकानों में भी पानी भरने से समस्या उत्पन्न हो गई। शनिवार को पूरी रात बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि रविवार को सुबह से ही बारिश का दौर थम गया और आसमान साफ होने के साथ ही धूप भी खिली रही।
इधर लगातार तीन दिनों से जारी तेज बारिश के कारण गत वर्ष की बारिश का भी रेकॉर्ड टूट गया था। जिले में गत वर्ष 4 अगस्त तक 432.7 मिमी औसत वर्षा हुई थी, वहीं इस वर्ष 568.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इस प्रकार जिले में अब तक 135.3 मिमी औसत वर्षा ज्यादा दर्ज की जा चुकी है।
रामपुर नैकिन अंचल की मढ़ावल नदी उफान पर-
जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंचल से प्रवाहित होने वाली मढ़ावल नदी उफान पर आ गई है, जिससे अगडाल से मझियार पहुंच मार्ग के पुल के ऊपर से शनिवार से ही पानी बह रहा है। जिसके कारण मझियार, रघुनाथपुर, मऊ, डग्गाटोला मार्ग बंद हो गया है। रविवार को पूरे दिन पुल के ऊपर से पानी बहता रहा।
बढ़ौरा शिव मंदिर में दर्शन को नहीं पहुंच पाए श्रद्धालु-
जिले के प्रसिद्ध शिव मंदिर बढ़ौरा का गजास नाला भी उफान पर रहा। जिससे शिव मंदिर पहुंच मार्ग के पुल के ऊपर से पानी बह रहा था। यहां रविवार की सुबह जल चढ़ाने व पूजा अर्चना करने पहुंचे भक्तगण पुल के ऊपर पानी बहने के कारण मंदिर तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि दोपहर बाद तक नाले का पानी कम होने से श्रद्धालुओं का आवागमन बहाल हो गया था। नाले के उफान पर आने के कारण सावन मास में मंदिर परिसर में दुकान लगाने वाले व्यापारियों की दुकानों में भी पानी भरने से काफी नुकसान होना बताया गया है।
सेमरिया-बढ़ौरा मार्ग भी रहा बाधित-
सेमरिया अंचल के बेसरिहा नाला के उफान पर आने के कारण सेमरिया-बढ़ौरा-हनुमानगढ़ मार्ग में भी आवागमन बाधित रहा। झगरहा में पुल के ऊपर पानी बहने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई। बढ़ौरा जाने के लिए लोगों को चक्कर लगाकर जाना पड़ा।
बम्हनी-मगरोहर मार्ग में पुल के ऊपर पहुंचा पानी-
बम्हनी मगरोहर मार्ग में ग्राम पंचायत मोहनी में नदी के उफान पर आने के कारण रविवार को पुल के ऊपर तक पानी पहुंच गया था। जिसके कारण कुछ घंटो तक पुल से वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि दोपहर तक नदी का पानी पुल के नीचे हो गया, जिससे आवागमन बहाल हो गया।
जुझारी घटिया से झलवार ममदर पहुंच मार्ग में जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे लोग-
जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत जुझारी घटिया से झलवार ममदर पहुंच मार्ग में ग्राम पंचायत कुआं के पैकिनिया ग्राम में घुघुरी नदी के उफान में आने से पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। लोग पुल के ऊपर पानी होने के बावजूद आवागमन कर रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है।
एक दिन मेें 100 मिमी से अधिक हुई वर्षा-
जिले में एक दिन में 1107.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। 4 अगस्त को जिले के तहसील रामपुर नैकिन अंचल में 136.5, चुरहट अंचल में 132.0, गोपद बनास में 104.2, सिहावल में 91.2, बहरी में 105.8, मझौली में 68.0 तथा कुसमी अंचल में 116.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। दिनांक 1 जून से 4 अगस्त तक जिले में 568.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि गत वर्ष इस अवधि में 432.7 मिमी औसत वर्षा हुई थी।
बीते चार दिनों में जिले में हुई बारिश का आंकड़ा-
दिनांक – बारिश (मिमी में)
1 अगस्त – 15.4
2 अगस्त – 45.9
3 अगस्त – 25.0
4 अगस्त – 107.7
रात भर बाधित रही विद्युत आपूर्ति-
शनिवार को मझौली एवं कुसमी अंचल में बारिश के साथ आंधी का दौर भी जारी रहा। जिससे कई पेड़ व विद्युत पोल टूटकर गिर गए। कुसमी व मझौली व मड़वास अंचल के ज्यादार क्षेत्र में शनिवार शाम से ही विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी, जो रविवार को अपरान्ह 4 बजे तक बहाल हो पाई। शहर से लगे पड़ैनिया सहित अन्य गांवों में भी पूरी रात विद्युत आपूॢत बाधित रही।