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दिव्यांग स्वास्थ्य शिविर में जमकर हंगामा, डॉक्टरों को घेरा, जान बचाकर भागे

कुसमी जनपद में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का मामला

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सीधी। दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय करने के लिए गुरूवार को जनपद पंचायत कुसमी में आयोजित मूल्यांकन परीक्षण शिविर में जमकर हंगामा हुआ। स्थिति ऐसी बन गई की मेडिकल टीम के डॉक्टरों को शिविर से किसी तरह जान बचाकर भागना पड़ा। मेडिकल टीम के डॉक्टरों का आरोप है कि स्थानीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं दिव्यांगजनों द्वारा फर्जी तरीके से मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने का दबाव बनाया जा रहा था, जब ऐसा करने से मना किया गया तो लोग अभद्रता करते हुए मारपीट करने पर उतारू हो गए। ऐसे में किसी तरह से वहां से जान बचाकर भागना पड़ा। इधर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुसमी ज्ञानेंद्र मिश्रा एवं जनपद अध्यक्ष श्यामवती सिंह का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा पात्र हितग्राहियों का मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा था, जब हितग्राहियों द्वारा इसकी शिकायत की गई तो हमने डॉक्टरों से बात की, जिस पर वह भडक़ गए और अभद्रता करने लगे, जिससे उपस्थित लोग नाराज होकर हंगामा करने लगे। हम लोगों ने बीच बचाव किया।

कलेक्टर व एसपी के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला-
जनपद कार्यालय में आयोजित शिविर में मेडिकल टीम के चिकित्सकों को हितग्राहियों एवं ग्रामीणों द्वारा जनपद कार्यालय में कैद कर दिया गया था। कुछ ग्रामीण शराब के नशे में भी गाली गलौंज व हंगामा कर रहे थे। ऐसी स्थिति में मेडिकल टीम के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को फोन पर सूचना दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना से कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। इसके बाद उनके हस्तक्षेप पर एसडीएम कुसमी व थाना प्रभारी कुसमी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया, किसी तरह चिकित्सक वहां से निकल पाए।

दोनो पक्षों द्वारा थाने में की गई शिकायत-
घटना को लेकर मेडिकल टीम के डॉ.लक्ष्मण पटेल, डॉ.हिमेश पाठक, डॉ.अरविंद सोनी व अन्य के द्वारा कुसमी थाने में शिकायती आवेदन पत्र दिया गया है, जिसमें लेख किया गया है कि जनपद सीईओ कुसमी द्वारा अनाधिकृत रूप से दबाव बनाकर विकलांगता प्रमाण पत्र बनाने की कोशिश की गई। वहीं जनपद अध्यक्ष द्वारा अभद्रता करते हुए बाहर न जाने देने व जान से मरवाने की धमकी दी गई। इस प्रकार शासकीय कार्य में बाधा डालने एवं डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की गई है। वहीं जनपद अध्यक्ष की ओर से भी कुसमी थाने में शिकायती आवेदन दिया गया है, जिसमें आरोप है कि चिकित्सक शराब के नशे में थे, और पात्र हितग्राहियों का मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा था। हितग्राहियों की शिकायत पर जब लोग शिविर में पहुंचकर बात करना चाहे तो हम लोगों के साथ अभद्रता की गई। पुलिस दोनो पक्षों के शिकायती आवेदन के आधार पर जांच कर रही है।

वर्जन-
हम लोगों के ऊपर अनाधिकृत रूप से मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने का दबाव बनाया जा रहा था, मना करने पर अभद्रता करते हुए हमें कैद कर लिया गया, जान से मरवाने की धमकी दी गई। किसी तरह से हम जान बचाकर निकल पाए। घटना की शिकायत कुसमी थाने में की गई है।
डॉ.हिमेश पाठक, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ

दिव्यांग हितग्राहियों द्वारा शिकायत की गई कि चिकित्सकों द्वारा पात्र हितग्राहियों का मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है। जनपद अध्यक्ष के साथ हम उनसे बात करने पहुंचे तो वह अभद्रता करने लगे। जिससे कुछ हितग्राही आवेश में आकर हंगामा करने लगे। अध्यक्ष की ओर से इसकी शिकायत कुसमी थाने में की गई है।
ज्ञानेंद्र मिश्रा, सीईओ जनपद कुसमी

दोनों पक्षों से आया है शिकायती आवेदन-
कुसमी जनपद में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में हंगामा, अभद्रता संंबंधी शिकायती आवेदन मेडिकल बोर्ड की टीम एवं जनपद अध्यक्ष की ओर से आया है। सूचना मिलने पर मैं भी मौके पर गया था और हंगामा शांत कराते हुए डॉक्टरों की टीम को सुरक्षित जिला मुख्यालय के लिए रवाना कर दिया था। दोनो पक्षों के आवेदन पर जांच की जा रही है।
भूपेंद्र वैश्य, थाना प्रभारी कुसमी