3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिंगरौली

सिंगरौली में जिंदा जले भाई-बहन, देखें Video

झोपड़ी के पास रखे पुआल में लगी आग, दो मासूम की जिंदा जलकर मौत

Google source verification

झोपड़ी के पास रखे पुआल में लगी आग, दो मासूम की जिंदा जलकर मौत

सिंगरौली. मोरवा थाना क्षेत्र के बडगड़़ गांव में सोमवार को दिल दहला देने वाली घटना घटी। यहां झोपड़ी में आग लगने से उसमें सो रहे दो मासूम बच्चे जिंदा जल गए। हृदय विदारक इस घटना का मंजर देख बच्चों के माता-पिता के आंसू नहीं थम रहे। मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना देकर उन्हें राहत राशि दिलाए जाने का आश्वासन दिया।

खेत में काम करने गया था दंपती

बड़गड़ गांव का सिपाहीलाल उर्फ प्रताप सिंह गोंड़ सोमवार को पत्नी सहित दोनों बच्चे बाबूलाल उम्र तीन वर्ष और दस माह की दौली को लेकर घर से करीब डेढ़ किमी दूर खेत पर गया था। वहां ठहरने के लिए बनाई गई झोपड़ी में दोनों बच्चों को छोडकऱ दंपती खेत में काम करने लगे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे सो गए। तभी अचानक झोपड़ी में आग लग गई। मां-बाप के आंखों के सामने सो रहे दोनों मासूम जिंदा जल गए। दिल दहलाने वाली इस घटना की सूचना पर पुलिस सहित एडीएम प्रमोद सेन गुप्ता, चितरंगी एसडीएम सुरेश जाधव, दुधमनिया तहसीलदार दीपेन्द्र सिंह तिवारी घटनास्थल पहुंचे। मुआयना करने के बाद पीडि़तों को मौके पर दस हजार देकर आठ लाख रुपए राहत राशि दिलाए जाने का आश्वासन दिया। वहीं मौके पर मौजूद पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना में जुट गई है।

घटना का मंजर देख नहीं रुके आंसू

बड़गड़ गांव में दिल को झकझोर देने वाली घटना का मंजर देख बच्चों के माता-पिता के आंसू नहीं थम रहे। बिलखते दंपती ने बताया कि झोपड़ी में आग ने जब उग्र रूप ले लिया तब देखा, मगर आसपास में न तो कोई घर है और न ही पानी की सुविधा। ऐसे में आग पर काबू कैसे पाते? तब तक में दोनों बच्चे जिंदा जल गए थे। झोपड़ीपहाड़ी क्षेत्र में है और उससे काफी दूर खेत में दंपती काम कर रहे थे। इस घटना के दृश्य को पीडि़त परिवार नहीं भूल पा रहे हैं।

ग्रामीणों को सतर्क रहने की नसीहत

घटनास्थल पर एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार सहित पुलिस अमले ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत करते हुए कहा, ऐसी सावधानी बरतें कि आगे इस तरह की घटना न होने पाए। ग्रामीणों को सतर्क किया कि खेत के पास बनाए गए झोपड़ी के आसपास पुआल न रखें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाए।

झोपड़ी में सो रहे दो बच्चे जिंदा जल गए हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर स्थल निरीक्षण किया गया है। आग कैसे लगी, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पीडि़त परिवार को तत्काल दस हजार रुपए प्रदान किए हैं। तीन-चार दिन में उन्हें आठ लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की जाएगी।

दीपेंद्र सिंह तिवारी, तहसीलदार दुधमनियां