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कलेक्टर बोले शुरू करें आइसीयू, सिविल सर्जन ने कहा स्टाफ नहीं है साहब
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कलेक्टर बोले शुरू करें आइसीयू, सिविल सर्जन ने कहा स्टाफ नहीं है साहब

जिला अस्पताल के निरीक्षण में पहुंचे थे कलेक्टर
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सिंगरौली

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Ajit Shukla

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Updated: 11 Sep 2024, 10:06 PM IST

जिला अस्पताल के निरीक्षण में पहुंचे थे कलेक्टर, मरीजों की अधिक संख्या देख युक्तियुक्तिकरण से व्यवस्था बनाने का निर्देश

सिंगरौली. अस्पताल प्रशासन संचालक के बाद अब कलेक्टर ने भी जिला अस्पताल में आइसीयू की सुविधा शुरू करने और मरीजों की बढ़ी संख्या के बीच अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। कलेक्टर बुधवार को जिला अस्पताल सह ट्रामा सेंटर के निरीक्षण में पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने सिविल सर्जन से आइसीयू शुरू करने को कहा तो उन्होंने स्टॉफ की कमी की समस्या बताई। फिलहाल स्टॉफ की समस्या को युक्तियुक्तिकरण के जरिए सुझाने का निर्देश दिया गया है।

जिला अस्पताल में बुधवार को सुबह 10 बजे ही कलेक्टर निरीक्षण में पहुंच गए। कलेक्टर के अस्पताल पहुंचने के बाद सीएमएचओ व सिविल सर्जन को जानकारी हुई तो वे वहां पहुंचे। इस बीच कलेक्टर ने वहां लाइन में लगे मरीजों से बात की और सुविधाओं का जायजा लिया। सीएमएचओ डॉ. एनके जैन और सिविल सर्जन डॉ. देवेेंद्र सिंह के पहुंचने पर कलेक्टर ने आइसीयू के लिए पूर्व में बनाई गई व्यवस्था दिखाने को कहा।

आइसीयू के लिए तय वार्ड और वहां के उपकरण देखने के बाद कलेक्टर ने कहा कि जल्द से जल्द आइसीयू की सुविधा शुरू की जाए। स्टॉफ की कमी पर कलेक्टर ने कहा कि शासन से नियुक्ति होने तक युक्तियुक्तिकरण के तहत स्टॉफ की व्यवस्था करें। आइसीयू के अलावा मरीजों के लिए बेड बढ़ाने को भी कहा। कलेक्टर ने सिविल सर्जन से कहा कि जरूरत पड़े तो अलग वार्ड बनाएं। कलेक्टर ने वार्ड के निरीक्षण में पाया कि वहां मरीजों का जमीन पर लिटा कर इलाज किया जा रहा है। बच्चा वार्ड में एक ही बेड पर दो या फिर तीन मरीजों का इलाज किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल के चिकित्सकों से भी बात की।

खुद की क्लीनिक जैसा करें व्यवहार

चिकित्सकों के साथ बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल में ड्यूटी के दौरान भी चिकित्सक मरीजों के साथ उसी तरह व्यवहार करें, जिस तरह वे अपने क्लीनिक में करते हैं। यथा संभव मरीजों का यहीं अस्पताल में ही इलाज किया जाए। बेवजह मरीजों रेफर नहीं किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल के आड़ में क्लीनिक को प्रमोट करने की मंसा नहीं होनी चाहिए। कहा कि वे समय-समय पर मरीजों से भी बात करने यहां अस्पताल आएंगे। मरीजों से शिकायत मिली तो संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।

17 सितंबर को शुरू होगा जन औषधि केंद्र

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जन औषधी केंद्र के लिए निर्माणाधीन भवन का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने कहा कि भवन को जल्द से जल्द तैयार किया जाए। सिविल सर्जन से कलेक्टर ने कहा कि 17 सितंबर को जन औषधि केंद्र शुरू करना है। कहा कि मरीजों को औषधि केंद्र से सभी दवा उपलब्ध कराई जाए। मरीजों को बाहर से कोई दवा नहीं खरीदनी पड़े। व्यवस्था ऐसी बनाएं कि पहले दवा अस्पताल में मिल जाए। अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं हो तो जन औषधी केंद्र में हर हाल में मिले।

जगह-जगह गंदगी पर जताई नाराजगी

कलेक्टर को निरीक्षण के दौरान सीढिय़ों व बाहर परिसर में कई जगह गंदगी व पान की पीक देखने को मिली। इससे नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल व परिसर की सफाई को लेकर पूरी गंभीरता बरती जाए। अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित वाहन पार्किंग पर भी नाराजगी व्यक्त की। कहा कि कम से कम एंबुलेंस के गेट तक आने के लिए रास्ता छोड़ा जाना चाहिए। पार्किंग व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया।