दिनभर सूने रहे ढाबे तथा भोजनालय
बड़े नोट बंद होने के कारण ग्राहक कम आ रहे हैं। दीपावली के आस-पास ढाबे मेंं ग्राहकी खूब हुई थी। तीन दिन से हालत खराब हैं, शुक्रवार को तो दिनभर बारह सौ रुपए का धंधा हुआ। इसमें से सामान क्या लाना और काम करने वाले श्रमिकों को भी मांगने पर पैसे देने पड़ते हैं। एक बजे हाल तो ये रहे की बोनी तक नहीं हुई।