
चौमूं.
दिल्ली में कोचिंग में हुए हादसे के बाद बुधवार को नगर परिषद के अधिकारी दफ्तरों से बाहर निकलकर कोचिंग एवं लाईब्रेरी संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच करने पहुंचे तो एक दर्जन संस्थाओं में विभिन् न तरह की खामियां मिली। नगर परिषद प्रशासन के मुताबिक इन संस्थाओं के पास न तो फायर एनओसी मिली और ना ही सुरक्षा के पुख्ता उपकरण। इनमें चार संस्थाएं तो बेसमेंट में चल रही थी। जहां आपात कालीन गेट की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में नगर परिषद के अधिकारियों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर चल रही तकरीबन 12 कोचिंग व लाईब्रेरी सहित जिम सेंटर को सीज करने की कार्रवाई की। हालांकि कई लोगों ने कार्रवाई भेदभाव पूर्ण करने का भी आरोप लगाते हुए उपखंड अधिकारी दिलीप सिंह को मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।इधर, सुबह से नगर परिषद की कार्रवाई शुरू होने के साथ ही शहर में संचालित कोचिंग एवं लाईब्रेरी संस्थाओं के संचालकों में हडक़ंप मचा रहा। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद के कार्यवाह आयुक्त सूर्यकांत शर्मा, अग्निशमन अधिकारी जयकुमार जांगिड़, थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा, स्वास्थ्य निरीक्षक जयकिशन सैनी, संदीप कविया सहित पुलिस जाब्ता भी साथ रहा।
नगर परिषद के कार्यवाह आयुक्त शर्मा व अग्निशमन अधिकारी जांगिड़ ने बताया कि हाल ही में दिल्ली की एक कोचिंग में बारिश का पानी घुसने से बड़ा हादसा हो गया था। इसको लेकर चौमूं शहर में संचालित कोचिंग एवं लाईब्रेरी संस्थाओं में सुरक्षा मानकों को लेकर जांच की गई। जांच में एक जिम सेंटर सहित 12 कोचिंग एवं लाईब्रेरी में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई है। जिस पर सभी 12 संस्थाओं को सीज करने की कार्रवाई की है।(कासं.)
संस्थाओं से छात्र-छात्राओं को बाहर निकालकर किया सीज
जांच में सुरक्षा मानक नहीं मिलने पर प्रशासनिक टीम ने संबंधित संस्थाओं में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को बाहर निकालकर सीज करने की कार्रवाई की। टीम की ओर कार्रवाई की भनक लगते ही कई कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी संचालक अपनी संस्थाओं को बंद कर दिया। दोपहर तक संस्था संचालकों में खलबली मच रही।
इन संस्थाओं को किया सीज
नगर परिषद कार्यवाह आयुक्त सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि कोचिंग संस्थान नालन्दा कोचिंग क्लासेज, परफेक्ट एजुकेशन हब, एआर कोचिंग क्लासेज, मदर्स कोचिंग क्लासेज, उत्थान कोचिंग, एमजीआई कोचिंग संस्थान, द्रोणाचार्य कोचिंग संस्थान, कंचन लाईब्रेरी, टेक्नो ग्लोब लाइब्रेरी, रीडर्स लाईब्रेरी, अचीवर्स लाइब्रेरी सहित एनएफजी जिम संस्था को सीज करने की कार्रवाई की है।
ये मिली खामियां
अग्निशमन अधिकारी जांगिड़ ने बताया कि अधिकतर कोचिंग एवं लाईबे्ररी संस्थान तंग रास्तो में खुले हुए है। इनमें आग एवं अन्य कोई घटना होने पर अग्निशमन वाहन का पहुंचना तक कठिन है। संस्थानों में फायर उपकरण नहीं मिले तो किसी में प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था नहीं मिली। कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट में तो कई चौथी और पांचवी मंजिल पर संचालित मिली है।
———–
प्रमुख रुप से ये होना जरूरी
-फायर एनओसी।
-फस्र्ट एंड होजरील।
-स्मॉक डिडेक्टर।
-मेन्युअल कॉल प्वाइंट।
-अलार्म फायर सिस्टम।
-पाइप सिलेण्डर।
-बेसमेंट में निकास के लिए अलग से रास्ता।
-फव्वारा सिस्टम।
-तंग गलियों में संस्थान नहीं होना चाहिए।
-पार्किंग की सुविधा।
—————
भेदभाव पूर्ण कार्रवाई का आरोप
इधर, नगर परिषद पार्षद सायर सैनी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र चौधरी, पार्षद महेन्द्र लांबा, उत्तम गोठवाल, अनिल सैनी आदि ने कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाते हुए एसडीएम को मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया कि एक दिन पहले पुलिस थाने में बैठक आयोजित कर पुलिस ने सूचना दी थी कि कोई भी कमी है, उसमें सुधार की जाए। लेकिन बिना समय वह नोटिस के ही कोचिंग सेंटर सीज कर दिए गए। जो कार्रवाई की है, वह भी भेद-भाव पूर्ण है।