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Video Story आध्यात्म से जोडऩे पहली बार यहां बाल सत्संग समागम, समाज के लिए बच्चों ने दिया संदेश

आध्यात्म से जोडऩे पहली बार यहां बाल सत्संग समागम, समाज के लिए बच्चों ने दिया संदेश

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शहडोल. हमें अपने घरों में इस तरह का वातावरण रखना चाहिए जिसमें बच्चे संस्कारित हो। बचपन से ही जब हम बच्चों को सत्संग से जोड़ते हैं तो उनके अंदर अच्छे संस्कार आते हैं और फिर वह भटकते नहीं है। भक्ति और सत्संग की कोई उम्र नहीं होती यह तो हर उम्र के लोगों को करनी चाहिए। उक्त बातेंं रविवार को निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित संभागीय बाल समागम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही सीधी जिले से आई पुष्पा निरंकारी ने कही। उन्होने सभी को अपने-अपने बच्चों को ऐसे कार्यक्रमों से जोडऩे के लिए प्रेरित किया। जिससे कि उनके बच्चे संस्कारवान हों। संत निरंकारी मिशन प्रमुख सतगुरु सुदीक्षा महाराज के निर्देश पर पहली बार संभागीय बाल समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी तादाद में संभाग के निरंकारी मिशन से जुड़े सदस्यों के बच्चों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। बच्चों की प्रतिभा को निखारने व आध्यात्म से जोडऩे के उद्देश्य से आयोजित उक्त कार्यक्रमों में बच्चों ने अलग-अलग धार्मिक व समाज को संदेश देने वाले कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में आध्यात्मिक भावों से ओतप्रोत गीत, विचार एवं सामूहिक गीतों के साथ ही नाटक का भी मंचन किया। कार्यक्रम में अनूपपुर शहडोल उमरिया तथा डिंडोरी जिले के बाल संत पहुंच। कार्यक्रम में मुखी जीडी अहूजा, बहन सोनी, निहारिका, सुशील छाबड़ा सहित संत निरंकारी मिशन से जुड़े सदस्य व बच्चे मौजूद रहे।