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संस्थाप्रधानों ने बिसराया, प्रदेश के सरकारी विद्यालयों का भूगोल गड़बड़ाया
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संस्थाप्रधानों ने बिसराया, प्रदेश के सरकारी विद्यालयों का भूगोल गड़बड़ाया

शाला दर्पण : एक माह बाद भी 113 विद्यालयों का नहीं हुआ जीआईएस अपडेशन
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मॉड्यूल किया है जारी
शाला दर्पण पोर्टल पर अधिकांश विद्यालयों के निर्देश स्कूल प्रोप्राइल के अंतर्गत प्रदर्शित हैं। इस सूचना को वास्तविक एवं त्रुटि रहित बनाने के लिए इनको अपडेशन के लिए शाला दर्पण पर विद्यालय लॉगिन पर विद्यालय टैब के अंतर्गत एक मॉड्यूल प्रारंम्भ किया है। इसका उपयोग कर जिन विद्यालयों द्वारा पूर्व में सूचना दर्ज नहीं की है उनके द्वारा सूचना दर्ज होगी। पूर्व में दर्ज सूचना को जांच कर अपडेट सकते हैं।

अभ्यर्थियों को होगी सुविधा
दरअसल सरकारी विद्यालयों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के लिए केन्द्र बनाया जाता है। परीक्षा देने के लिए अन्य जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों को केन्द्र ढूंढने पर अक्सर दिक्कत होती है। स्कूलों का जीआईएस अपडेट हो जाएगा, तो अभ्यर्थियों को मोबाइल पर एक क्लिक करते ही परीक्षा केन्द्र वाले स्कूल का पता चल जाएगा।

जीआईएस मैपिंग क्यों हैं जरूरी
विभागीय मानदंडों के अनुसार स्कूल की उपलब्धता, स्कूलों की बस्ती से दूरी की निगरानी, विभिन्न सुविधाओं की उपलब्धता आदि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूलों की जीआइएस मैपिंग की जरूरत पड़ती है। इसके लिए सभी विद्यालयों के जीआईएस निर्देशांक (अक्षांश एवं देशांतर बिन्दू) उपलब्ध होना आवश्यक है।

फेक्ट फाइल
2213 विद्यालयों मेें से 2100 स्कूलों की हुई है अब तक मैपिंग
100 प्रतिशत के साथ डूंगरपुर एवं चीखली ब्लॉक रहे पहले पायदान पर
80.58 प्रतिशत के साथ बिछीवाड़ा ब्लॉक है सबसे नीचे

अधिकारी ने कहा…
जीआईएस अपडेट का कार्य अंतिम चरण में है। चुनाव की वजह से थोड़ा दिक्कत आई थी। तय समय में पूरा कार्य पूर्ण कर लेंगे। – रणछोड़लाल डामोर, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, डूंगरपुर