कोटा. गुरमत प्रचार सिंधी सेवा सोसायटी की ओर से सिंधी कॉलोनी िस्थत गुरुद्वारा दु:ख निवारण साहब में गुरमत कीर्तन समागम का आयोजन किया गया। इस मौेके पर दीवान सजाया गया। कीर्तनी जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने गुरुग्रन्थ साहब के सम्मुख मत्था टेका।
पठानकोट के मंजीत सिंह,गुरुद्वारा दु:ख निवारण साहब के हजूरी रागी मोहन सिंह, आस्ट्रेलिया वाले गुरदेव सिंह व दरबार साहब अमृतसर के हजूरी रागी शुभदीप सिंह समेत अन्य हजूरी रागी जत्थों ने शबद कीर्तन व कथा कर संगत को निहाल किया। जत्थों ने चेतना हॅ तऊ चेतन है निशदिन में प्राणी…, नानक गुर बिन मन का का ताखु न उघड़े अवर न कुंजी हथि…तुधु चिति आए महा अनंदा.. जैसे कई शबद सुनाकर संगत को निहान किया।
इस दौरान वाहे गुरुजी का खालसा, वाहे गुरुजी की फतेह सरीखे जयकारे गूंजते रहे। कीर्तन के दौरान शुभदीप सिंह ने कहा कि यह जीवन अनमोल है।जितना हो सके ईश्वर का नाम लो। उन्होंने अक्षरी ज्ञान के साथ धर्म व अध्यात्म को भी जरूरी बताया। उन्होने जीवन में नितनेम पाठ का जीवन में महत्व बताया। कथावाचक ज्ञानी मनदीप सिंह ने कहा कि हमेशा भलाई के कार्य करो।अच्छे मार्ग पर चलो। कार्यक्रम मेें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लोग आए। इस मौके पर गुरु का अटूट लंगर भी बरता गया। सैकड़ों लोगों ने लंगर छका। कार्यक्रम में लोगों का सेवा भाव भी देखने को मिला। कार्यक्रम में सोसायटी के प्रधान लधा सिंह, सचिव हरजिंदर सिंह, कमल व बलवीर सिंह बॉबी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।