दस्यु क्षेत्र वाले इस गांव में अब शिक्षा की बयार बह रही है। जिसे डकैतों के आतंक और उनके जुल्मों की कहानी के नाम से ही जाना जाता है। गांव झील में कभी बंदूकों की आवाज खानखनाया करती थी। आज उसी गांव के युवाओं ने आखर ज्योत जलाते हुए सरकारी सेवाओं में जाना शुरू कर दिया है। जिससे गांव में न केवल खुशियां है। बल्कि एक बदलाव की किरण भी नजर आने लगी है। वर्ष 1992 में गांव के कई युवा दस्यु गिरोह से जुड़ गए थे।