जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में बुधवार को छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्र उग्र हो गए। यूनिवर्सिटी में दिनभर हंगामा, धरना, प्रदर्शन का दौर चला। छात्र पहले पेट्रोल की बोतल लेकर कुलपति आवास में घुस गए। इसके बाद छात्रों ने रैली निकाल कुलपति आवास पर धरना दिया। यहां पुलिस को चकमा देकर छात्र कुलपति आवास की दीवार फांदकर घुस गए। पुलिस कर्मियों छात्रों को बाहर निकाला। यहां से हटने के बाद छात्रनेता अलग-अलग गुट बनाकर विज्ञान भवन, एकेडमिक ब्लॉक और लाइब्रेरी की छतों पर चढ़ गए और प्रदर्शन करने लगे। छात्रनेता महेश चौधरी, हरफूल चौधरी, राहुल महला, अभिषेक चौधरी, सोनू बैरवा, रामसिंह सामोदा, रविन्द्र महलावत, महिपाल के नेतृत्व में दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ यह घटनाक्रम शाम पांच बजे तक चलता रहा। इस बीच सुरक्षा को देखते हुए यूनिवर्सिटी कैंपस पुलिस छाबनी में तब्दील हो गया। दूसरी ओर एबीवीपी के छात्रेनता देव पलसानिया ने खून से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर चुनाव कराने की मांग की है। वहीं, छात्रनेता रात को वीसी सचिवालय में सोए।
इनसो ने रैली निकाली, प्रदर्शन
राजस्थान यूनिवर्सिटी में हरियाणा के प्रमुख राजनीतिक दल जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के महासचिव दिग्विजय सिंह चौटाला भी छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाने का विरोध करने पहुंचे। चौटाला ने इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (इनसो) से जुड़े कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों के साथ हो राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया और सामूहिक गिरफ्तारी दी। इनसो के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजस्थान सरकार की दमनकारी नीतियां है। उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव जब हरियाणा में बहाल करा सकते हैं, तो राजस्थान में भी बहाल कराएंगे।
शिक्षक-कार्मिेकों ने भी धरना दिया
ओपीएस की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी में शिक्षकों और कार्मिकों ने राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय कुमार और अशैक्षणिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष यशपाल सिंह चिराना के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इससे यूनिवर्सिटी में कामकाज प्रभावित रहा। यूनिवर्सिटी में डिग्री, माइग्रेशन सहित अन्य कामों के लिए आने वाले छात्र परेशान रहे।
कुलपति आते नहीं, रजिस्ट्रार ने कार्यग्रहण नहीं किया
छात्रनेताओं का आरोप है कि कुलपति का कार्यकाल खत्म होेने वाला है। ऐसे में कुलपति ने सचिवालय आना बंद कर दिया। ऐसे में छात्राें का समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। वहीं, छात्रों के आईडी कार्ड नहीं बने हैं। इधर, यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार के पद पर अभी कार्यग्रहण नहीं किया है।