20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खास खबर

तेवर तीखे और निजी चिकित्सा सुविधाएं लॉक

Tevar Tehri and private medical facilities locked- राइट टू हेल्थ बिल के खिलाफ प्राइवेट अस्पतालों में इमरजेंसी भी बंद

Google source verification

श्रीगंगानगर. राइट टू हेल्थ बिल को वापस लेने की मांग को लेकर ऑल राजस्थान प्राइवेट हॉस्पिटल्स संघर्ष समिति ने शनिवार रात आठ बजे से पूरे प्रदेश में बेमियादी हड़ताल की घोषणा करते हुए निजी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा बंद कर दी। जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले के 78 निजी अस्पतालों पर ताला जड़ दिया। आईएमए के अध्यक्ष डा. सुभाष राजोतिया ने पत्रिका को बताया कि राज्य सरकार ने संघर्ष समिति की चेतावनी के बावजूद उसे गंभीरता से नहीं लिया और अब प्राइवेट अस्पतालों में उपचार की बजाय ताले लगाने को मजबूर हो गए है। इमरजेंसी जैसी सुविधाएं भी अस्पतालों में नहीं मिलेगी।

वहीं सरकार की महत्वकांक्षी चिरंजीवी व आरजीएचएस योजनाओं का बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। विदित रहे कि जिले में 78 प्राइवेट अस्पताल संचालित हैं। वहीं करीब चार सौ प्राइवेट चिकित्सक हैं।
किसी दुर्घटना में कोई व्यक्ति गंभीर घायल होता है तो उस िस्थति में भी इमरजेंसी की सुविधा मिलेगी या नहीं, इस पर आईएमए अध्यक्ष राजोतिया का कहना था कि जब सरकार ही हमारी नहीं सुन रही हैं तो हम क्यों किसी की सुने। जनता की तकलीफ को चिकित्सक समझता है लेकिन सरकार चिकित्सक का दर्द तो सुने। इधर, रोगियों के परिजन प्राइवेट अस्पतालों की बजाय राजकीय जिला चिकित्सालय में उपचार करने के लिए पहुंचे।
इधर, राजकीय जिला चिकित्साल के पीएमओ डा.केएस कामरा का कहना है कि प्रदेश में प्राइवेट हॉस्पिटल्स संघर्ष समिति की बेमियादी हड़ताल से घबराने की जरूरत नहीं हैं। चिकित्सालय कैम्पस में हर रोगी का उपचार करेंगे। हमारे चिकित्सक तैयार हैं चाहे कोई भी रोगी और कितने भी रोगी आए।

डा. कामरा ने बताया कि चिकितसालय की आपातकाल सेवा केन्द्र को हाई अलर्ट मोड़ पर किया है। इसके साथ साथ हर एचओडी को अपने अपने रोगी विशेषज्ञ को तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। ऑन कॉल पर चिकित्सालय में आकर रोगी का उपचार करने के लिए अधिकृत किया है। वहीं आपात सेवा एम्बुलैंस 108 के स्टाफ को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।