
श्रीगंगानगर. सुखाडि़या मार्ग पर गौड़ हॉस्पिटल में उपचार कराने आई महिला रोगी की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया। वहीं एक परिजन ने वहां लगे शीशे पर पत्थर मार कर चकनाचूर कर दिया। इन परिजनों का कहना था कि इस हाॅस्पिटल में रोगी को लाने से पहले वहां दो रिश्तेदारों को भिजवाया था ताकि तत्काल उपचार की सुविधा मिल सके। लेकिन रोगी आने के बाद करीब एक घंटे तक डाॅक्टर का इंतजार करते और रोगी की हालत बिगड़ती रही। जब तक चिकित्सक पहुंचा तब तक रोगी ने दम तोड़ दिया था। गोलूवाला क्षेत्र फतेहवाला ढाणी निवासी जसपाल कौर पत्नी गुरनेक सिंह को पिछले दो दिनों से गौड़ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इस महिला के शुगर अधिक होने के कारण उपचार चला। इसकी हालत मेें सुधार आया तो मंगलवार दोपहर करीब एक या दो बजे छुटटी दे दी गई। शाम को घर पर इस रोगी की हालत फिर से बिगड़ी तो परिजनों ने हॉस्पिटल के संचालक डा. प्रहलाद गौड़ को कॉल की। वहीं इस परिवार ने अपने दो रिश्तेदारोें को हॉस्पिटल में पहले भेजा ताकि गोलूवाला से इस रोगी के आने तक वहां चिकित्सक और पर्याप्त सुविधा तत्काल मिल सके। लेकिन डाक्टर नहीं आया। रोगी के आने के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। जब तक डा. धर्मवीर पहुंचे तो रोगी जसपाल कौर की हालत बिगड़ चुकी थी और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों के हंगामा की सूचना मिलते ही जवाहरनगर थाने से एसआई रोहिताश पूनियां और मीरा चौकी प्रभारी बलवंतराम आदि पहुंचे। इन पुलिस अधिकारियों से मृतका के परिजनों की ओर से परिवाद देने की बात कही।
हमने बचाने का प्रयास किया: डा. गौड़
इधर, हॉस्पिटल के संचालक डा. प्रहलाद गौड़ ने बताया कि रोगी दो दिन पहले भर्ती हुआ था, लेकिन परिजनों की जिदद की वजह से मंगलवार को सुबह छुट़टी दे दी गई। शाम को वापस इस रोगी को लेकर आए तो डा. धर्मवीर गुप्ता ने जांच की। लेकिन इस रोगी को बचाने का प्रयास भी किया। लेकिन श्वांस रोग और शुगर रोग होने के कारण रोगी की जान नहीं बची।