
श्रीगंगानगर. इलाके में सीवर और वाटर लाइन बिछाने के नाम पर शहर की अधिकांश गलियों में गडढे जी का जंजाल बन गए है। लगातार शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बंद कमरे में बैठकर दिशा निर्देश करने की औपचारिकता पूरी की है तो वहीं संबंधित अफसरों ने ऑल इज वैल की बात कहकर रटारटाया जवाब दिया है। इधर, नगर परिषद बोर्ड भंग होने के बाद अब निर्वतमान पार्षदों को मनमर्जी से खोदी जा रही सड़कों की याद आई है। इन निर्वतमान पार्षदों ने देर से सही अब आयुक्त और अन्य अफसरों के समक्ष यह समस्या एकजुट होकर उठाई है। निवर्तमान पार्षद हेमंत रासरानियां की अगुवाई में महेन्द्र बागड़ी, धर्मेन्द्र मोर्य, प्रहलाद सोनी, रोहित बागड़ी, नन्दू चौहान, राजेश निर्वाण, तनवीर खान, करण वाल्मीकि आदि ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आक्रोश व्यक्त किया। इन लोगों का कहना था कि एलएण्डटी ने सीवरेज के नाम पर शहर का बेड़ा गर्क कर दिया है। सीवरेज निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। पूरे शहर में जगह-जगह से सडक़ें तोड़ रखी है। इससे शहरवासी परेशान हो रहे हैं। सीवरेज निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। सरकार द्वारा सडक़ों को लीकेज के नाम पर बार-बार तोडक़र राजकोष को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सीवरेज कार्य के नाम पर सडक़ तोड़ दी जाती है लेकिन उसको ठीक नहीं करवाया जाता, इस कारण आमजन को भारी परेशानी हो रही है।
प्रशासन ने एक्शन लेने की बजाय साधी चुप्पी
इन निर्वतमान पार्षदों का कहना है कि ठेका कंपनी एलएंडटी ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी से कार्य किया जा रहा है। जबकि जिला प्रशासन ने आरयूआइडीपी और ठेका कंपनी एलएंडटी के खिलाफ एक्शन लेने की बजाय चुप्पी साध ली है। इन पार्षदों का मानना है कि वार्ड नं. 15, 16, 39, 37, 44, 56, 63 सहित पूरे शहर के नागरिक पीडि़त व त्रस्त हैं। अनियमितताओं के कारण एलएण्डटी कम्पनी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करने, तोड़ी गई सडक़ों का पुनर्निर्माण करने और गुणवतता की अनदेखी करने वाले अफसरों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।