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श्री गंगानगर

गनीमत रही टक्कर के बाद दूर चला गया गोधा…वरना सुरक्षित नहीं थे दादा-पोता!

कस्बे में जगह-जगह घूम रहे निराश्रित गोवंश (गोधे) आमजन के लिए किस प्रकार खतरा बने हैं इसका अनुमान आप इस घटनाक्रम से लगा सकते हैं। वार्ड एक में सोमवार शाम घूमने निकले दादा-पोता को एक गोधे ने जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इसके बाद गोधा दूर चला गया और दादा-पोता की जान बच गई। हालांकि घटनाक्रम में दादा चोटिल हो गया लेकिन गोद में होने से पोता बिलकुल सुरक्षित रहा।

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श्रीकरणपुर के वार्ड एक में सामने आया घटनाक्रम
श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर). कस्बे में जगह-जगह घूम रहे निराश्रित गोवंश (गोधे) आमजन के लिए किस प्रकार खतरा बने हैं इसका अनुमान आप इस घटनाक्रम से लगा सकते हैं। वार्ड एक में सोमवार शाम घूमने निकले दादा-पोता को एक गोधे ने जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इसके बाद गोधा दूर चला गया और दादा-पोता की जान बच गई। हालांकि घटनाक्रम में दादा चोटिल हो गया लेकिन गोद में होने से पोता बिलकुल सुरक्षित रहा। मंगलवार शाम घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने पर लोगों ने पालिका प्रशासन से निराश्रित गोवंश पर अंकुश लगाने की मांग की।
जानकारी अनुसार वार्ड एक निवासी मोहनलाल गरूड़ा (58) अपने पांच वर्षीय पोते हिमांशु पुत्र रोहित गरूड़ा को लेकर घर के बाहर गली में घुमाने निकला। इस दौरान वहां खड़े दो निराश्रित गोवंश में से एक गोधा अचानक मोहन लाल की ओर बढ़ा तो उसे तुरंत अपने पोते को गोद में ले लिया और दूर होने का प्रयास किया। लेकिन, गोधे ने बुजुर्ग पर हमला बोल दिया और वह लुढ$ककर नीचे जा गिरा। टक्कर मारने के बाद वह गोधा वहां से दूर चला गया और इस दौरान वहां पहुंचे आसपास के लोगों ने तुरंत बुजुर्ग व उसके पोते को संभाला। दादा की कोहनी, घुटने व सिर में चोटें आई लेकिन गनीमत रही कि दादा की गोद में होने की वजह से पोता बिलकुल सुरक्षित बच गया। बताया गया कि इसी परिवार में करीब पांच वर्ष पहले भी इसी तरह का घटनाक्रम सामने आया था और उसमें एक बच्ची की मौत भी हो गई थी।
हादसे की इंतजार में है पालिका प्रशासन!
मेरे वार्ड सहित अन्य रिहायशी एरिया में घूम रहे निराश्रित गोवंश को लेकर पालिकाध्यक्ष व इओ को कई बार अवगत कराया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि संतोषजनक जवाब तक नहीं दिया गया। लगता है नगरपालिका प्रशासन किसी बड़े हादसे की इंतजार में हैं।
-भीमसैन, पार्षद वार्ड एक श्रीकरणपुर।