श्रीगंगानगर। नगर परिषद में अनियमितताओं का खेल अब तक थमा नहीं है। अब नगर परिषद के अग्निशमन सेवा केन्द्र से एक फर्जी एनओसी जारी की करने पोस्ट वायरल हुई है। प्राइवेट स्कूल में अग्नि सुरक्षा उपकरण की एनओसी में जिस आयुक्त का नाम अंकित किया गया है, इस आरएएस अधिकारी सचिन यादव का तबादला हुए करीब एक साल हो चुका है।
Who made fake NOC for fire safety of private school
इस फर्जी एनओसी की कॉपी जैसे ही सामने आई तो नगर परिषद में खलबली मच गई। इस फर्जीवाड़े को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिस स्कूल प्रबंधक को यह एनओसी जारी की गई है, उसकी पत्रावली में अभी जांच के लिए प्रक्रिया चल रही है। इस फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आते ही नगर परिषद अधिकारियों में खलबली मच गई। अग्नि शमन सेवा केन्द्र के फायर ऑफिसर चुन्नीलाल ने आयुक्त कपिल यादव को पूरा घटना से अवगत कराया। इसके बाद पैरोकार प्रेम चुघ के साथ कानूनीविदों से मार्गदर्शन मांगा गया है।
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चक 7 ई छोटी बिरथायांवाली में िस्थत नोजगे पब्लिक स्कूल की संचालिका निफिया सूदन रेडी के नाम से नगर परिषद की ओर से अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है। इस प्रमाण पत्र पर आरएएस सचिन कुमार यादव नगर परिषद आयुक्त के डिजीटल साइन दर्शाए जा रहे है। यह प्रमाण पत्र 8 मार्च 2023 को जारी किया गया लेकिन इस दिन यह अधिकारी यहां नहीं थे। यादव का पिछले साल 28 अप्रेल 22 को तबादला हो चुका था। इसके बावजूद उनके नाम से ऑनलाइन एनओसी जारी हुई। इस फर्जी एनओसी के संबंध में अग्नि शमन सेवा केन्द्र ने संबंधित स्कूल प्रबंधक की फायर फाइटिंग सिस्टम का भौतिक सत्यापन तक नहीं किया है। यह प्रकरण अभी विचाराधीन है।
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पिछले महीने से ऑनलाइन सिस्टम हुआ लागू
राज्य सरकार ने इसी वित्तीय वर्ष में विभिन्न स्कूलों, हॉस्पिटल, शोरूम, मार्केट कॉम्पलैक्स, कोचिंग सैँटर, बड़े ऑफिसों और बहुमंजिला भवनों में फायर सिस्टम की एनओसी देने से पहले वहां भौतिक सत्यापन करने के लिए सख्त नियम कायदे बना दिए है। इस एनओसी को मैनुअल की बजाय अब ऑनलाइन सिस्टम से देने की प्रक्रिया अपनाई गई है। पहले फायर ऑफिसर की रिपोर्ट पर एनओसी जारी कर दी जाती थी लेकिन अधिकांश जगह फायर सिस्टम नहीं होने के बावजूद कागजों में एनओसी जारी करने पर सवाल उठने लगे थे। यहां तक कि प्रदेश में कई जगह आग की बड़ी घटनाएं सामने आई तो बहुमंजिला भवनों में नियम कायदों के अनुरुप ही फायर सिस्टम की अनिवार्यता लागू की गई। नगर परिषद में इस वित्तीय वर्ष में सिर्फ दो ही एनओसी जारी की है।
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https://www.youtube.com/watch?v=nuGxeZ21MUU
किसने बनाया यह प्रमाण पत्र
इस फर्जी एनओसी ने किसने बनाया, यह जांच का विषय है। इस संबंध में सोमवार दोपहर बाद नगर परिषद के अधिकारियों ने यह जांच शुरू कर दी है। अब तक सामने आया है कि अधिकांश अधिकारी अपने डिजीटल साइन और आईडी खुद ऑपरेट नहीं करते, वे चुनिंदा कार्मिक को अधिकृत कर कामकाज करवाते है। इसी का फायदा उठाते हुए किसी बाबू ने यह फर्जी एनओसी बना डाली। इस एनओसी में बकायदा शर्ते भी हुबहू असली प्रमाण पत्र जैसा प्रतीत हो रहा है। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि अभी यह जांच चल रही है, पूरी होने के बाद ही एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
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https://www.youtube.com/watch?v=4chuKZWuZmU
ऐसे आया यह फर्जीवाड़ा सामने
दरअसल, इस स्कूल ने अपनी वेबसाइट पर फायर फाइटिंग की एनओसी अपलोड कर दी। इसे देखकर किसी ने यह एनओसी नगर परिषद के कार्मिकों तक पोस्ट वायरल कर दी। पार्षद विजेन्द्र स्वामी ने बताया कि एनओसी के फर्जीवाड़े का खुलासा आयुक्त के साइन और नाम से हुआ है। जिस आयुक्त के साइन है, वह तो एक साल पहले यहां से तबादला कर जा चुके है। एक साल बाद उनके नाम से एनओसी कौन जारी कर रहा है। किसी के पास तो संबंधित अधिकारी की आईडी और पासवर्ड जरूर होगा, जिसने उनके नाम से एनओसी बना रहा है। स्वामी के अनुसार इस पूरे खेल में संगठित गिरोह काम कर रहा है या एकल व्यक्ति ही नगर परिषद के नाम से फजीवाडा करने लगा है। इस मामले की निष्पक्ष जांच हो तो पट्टे आदि जैसे दस्तावेजों की हकीकत सामने आ सकती है। कई लोग नगर परिषद की छवि को धूमिल करने में लगे है, जांच होने से संबंधित लोग बेनकाब हो सकेंगे।
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पहले स्कूल को करेंगे नोटिस, फिर होगी एफआईआर
यह सही है कि एक स्कूल के नाम से फर्जी एनओसी जारी करने की पोस्ट वायरल हुई है।इस संबंध में फायर ऑफिसर ने पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। इस स्कूल की फायर फाइटिंग सिस्टम जांचने की मामला अभी चल रहा है, उससे पहले किसी ने यह ऑनलाइन फर्जी एनओसी जारी कर दी। यह किसने की है, यह जांच का विषय है। इस संबंध में स्कूल संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है, उससे यह पूछा जाएगा कि यह एनओसी ने किसने बनाकर दी है। इसके बाद एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।
– कपिल यादव, आयुक्त नगर परिषद श्रीगंगानगर