सुलतानपुर. चुनाव आयोग द्वारा केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा प्रत्याशी पर 48 घण्टे के लिए लगाए गए रोक की समय सीमा समाप्त होने के बाद मेनका गांधी ने जयसिंहपुर तहसील के ढेमा कस्बे में एक जनसभा को संबोधित किया। मेनका गांधी ने कहा कि मैं यहां की सांसद नहीं बनना चाहती, मैं यहां की मां बनना चाहती हूं और मैं सबकी सुरक्षा करने की जिम्मेदारी निभाना चाहती हूँ। उन्होंने कहा कि एक मां पूरी दुनिया से लड़ सकती है, लेकिन अपने बच्चों का भला हमेशा करती है।
1984 में कहा था यहां से मेरा बेटा लड़ेगा चुनाव-
मेनका गांधी ने कहा कि मैं बहुत साल पहले यहां आई थी, तो यहां के लोगों ने मुझसे यहीं से चुनाव लड़ने की मांग की थी। मैंने यहाँ के लोगों से तभी कह दिया था कि बड़ा होकर मेरा बेटा वरुण यहां से चुनाव लड़ेंगा और अपने पिता की कर्मभूमि को अपनी कर्मभूमि बनाएगा। मेनका गांधी द्वारा 9 मार्च 1984 को दोस्तपुर कस्बे में कई भविष्यवाणी 2014 में सच हुईं, जब वरुण गांधी ने 2014 में यहां से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीतकर सांसद बने।
वरुण गांधी ने अपने पैसे से गरीबों को बनवाया मकान-
मेनका गांधी ने कहा कि वरुण ने यहां आकर दैवीय आपदा से पीड़ित परिवारों की आर्थिक सहायता की और विधवाओं को अपने पैसों से मकान बनवाकर दिया। उन्होंने कहा कि वरुण गांधी ने जब यह देखा कि गम्भीर बीमारियों से बच्चे मर रहे हैं, वो चाहे गोरखपुर में हो या अन्य जगहों पर, वरुण गांधी ने यहां बच्चों के अस्पताल के लिए पैसा दिया। उसका प्रतिफल यह रहा कि सुलतानपुर में सबसे अच्छा अस्पताल बन गया है। इसी तरह महिला अस्पताल को भी बनवाया, न्यूमर्जेन्सी बनवाया।
इसलिए रही मैं पीलीभीत की सांसद-
मेनका गांधी ने कहा कि मुझे हर जाति के लिए काम करना है और करूंगी क्योंकि में जाति की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा कि मैं पीलीभीत में 7 बार सांसद रही, क्यों रही, वह इसलिए रही क्योंकि मैं सबके लिए काम करती हूं।