सूरत. शहर में जारी भारी बारिश के दौर के कारण निचले इलाकों में जहां पानी भर गया है, वहीं कुंभारिया और सणिया हेमाद गांव में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। यहां घरों में तीन से चार फीट पानी भर जाने से कई परिवार मुश्किल में फंस गए हैं। इस तरह के हालात को लेकर लोग प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। उधर, जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर से बहने वाली खाडि़यों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे शहर में खाड़ी किनारें की सोसायटियों में भी जलभराव स्थिति देखने को मिल रही है।
शहर में मानसून की शुरुआत धमाकेदार रही है। लगातार तीन दिनों से शहर में मसूलाधार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण मनपा प्रशासन के प्री-मानसून कार्रवाई की पोल खुल गई है। शहर में कई जगह पर जलभराव की स्थिति है। सड़कों पर भी घुटनों तक पानी भर रहा है। सबसे खराब हालात कुंभारिया और सणिया-हेमाद गांव की है। बुधवार रात मूसलाधार बारिश के बाद खाड़ी किनारे के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। यहां के 25 से 30 घरों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाने से परिवारों को स्कूल और फुटपाथ पर आश्रय लेना पड़ रहा है। वहीं, परवत गाम, ऋषि विहार, माधवबाग समेत की खाडि़यों की आसपास की सोसायटियों में जलभराव की स्थिति का लोग सामना कर रहे हैं।
ना नेता, ना अधिकारी पहुंचे
लोगों का कहना है कि बीते तीन चार मानसून से इसी तरह की स्थिति हो जाती है। मनपा प्रशासन हर बार प्री-मानसून कार्रवाई करने का दावा करती है, लेकिन दावे खोखले ही साबित होते हैं। लोगों का आरोप है कि 50 से अधिक परिवार मुश्किलों में हैं, इसके बावजूद न तो कोई अधिकारी, न तो कई जनप्रतिनिधि उनकी सुध लेने पहुंचा।
खाडि़यों का जलस्तर बढ़ा
सूरत जिले में भी मूसलाधार बारिश जारी रहने से शहर से बहनेवाली खाडि़यों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शहर से पांच खाडि़यां बहती है और सभी किनारों को छू कर बह रही हैं। भेदवाड़ और मीठीखाड़ी का जलस्तर तो खतरे के निशान तक पहुंच गया है। यदि जिले में बारिश का दौर इसी तरह जारी रहता है तो खाड़ी बाढ़ का खतरा हो सकता है।
– खाडि़यों का जलस्तर और खतरे का निशान
खाड़ी जलस्तर खतरे का निशान
काकरा 5.9 मीटर 8.48 मीटर
भेदवाड़ 6.4 मीटर 6.75 मीटर
मीठीखाड़ी 8.1 मीटर 9.3 मीटर
भाठेना 5.9 मीटर 8.25 मीटर
सीमाड़ा 3.3 मीटर 4.5 मीटर