उनियारा में न्यायालय के नवीन भवन का लोकार्पण समारोह का कार्यक्रम न्यायाधिपति शुभा मेहता ने नवीन भवन का रिबन काटकर उद्घाटन किया।
न्याय का नया भवन आज से ही जनता को समर्पित हो गया। अब इसकी देखरेख अधिवक्ताओं सहित यहां आने वाले सभी व्यक्तियों की है। नवीन भवन को साफ सुथरा एवं सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उनियारा क्षेत्र वासियों की है यह कहना था उनियारा के सवाई माधोपुर मार्ग पर न्यायालय के नवीन भवन के लोकार्पण के मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय की न्यायाधिपति शुभा मेहता का।
रिबन काटकर उद्घाटन किया
अभिभाषक संघ के अध्यक्ष महेश कासलीवाल ने बताया कि रविवार की सुबह न्यायालय के नवीन भवन का लोकार्पण समारोह का कार्यक्रम न्यायाधिपति शुभा मेहता ने अपने हाथों से नवीन भवन का रिबन काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ जिला सत्र एवं सेशन न्यायाधीश अयूब खान सहित जिला सेशन पूर्व न्यायाधीश विष्णु दत्त शर्मा एवं राजेंद्र चौधरी सहित उनियारा एसीजेएम डॉक्टर सुरभि सिंह साथ थे।
न्याय की बारीकियां पर चर्चा की
इस दौरान न्यायाधीश शुभा मेहता ने नवीन परिसर का निरीक्षण किया तथा लाइब्रेरी कक्ष में सभी उपस्थित जिला एवं अन्य जगहों के आए हुए मजिस्ट्रेट को आवश्यक दिशा निर्देश दिए एवं कई न्याय की बारीकियां पर चर्चा की। इसके बाद कार्यक्रम के मंच पर पहुंचने के दौरान उनका अधिवक्ताओं ने फूल माला साफा एवं स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया साथ ही अन्य उपस्थित अतिथियों को भी सम्मानित किया।
साफ. सुथरा एवं अच्छा बनाए रखें
कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह न्यायालय परिसर आज से आप लोगों को समर्पित है। इस परिसर को साफ. सुथरा एवं अच्छा बनाए रखें तथा इसमें पेड़ लगाए और जहां कहीं भी अधिवक्ताओं के चेंबर बने उनमें अधिवक्ताओं को बैठने की व्यवस्था जरूर करवाए ताकि यह परिसर सही और अच्छी तरह से संचालित हो सके।
एडीजे कोर्ट खोलने की मांग
इस दौरान अधिवक्ता प्रेमचंद जैन ने उनियारा में एडीजे कोर्ट खोलने की मांग का ज्ञापन सभी अधिवक्ताओं की बात पर न्यायाधीश शुभा मेहता को सैंंपा। इस पर न्यायाधीश ने सभी अधिवक्ताओं को यह विश्वास दिलाया कि वह इस मांग पत्र को शीघ्र ही उच्च स्तर पर भिजवा देंगे, जल्दी ही कुछ अच्छा निर्णय होगा।
किराए के कमरे से 5 करोड़ के भवन का सफ र
उनियारा अपर मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट का भवन जब 1980 में या बनाया गया था। तब 10/10 के एक कमरे में किराए के भवन में संचालित हुआ करता था आज यह भवन 5 करोड़ की बिल्डिंग में शिफ्ट हो गया। लेकिन इसके बाद के न्यायालय बने देवलीएओर निवाई है। वहां एडीजे कोर्ट खोल दी गई है लेकिन उनियारा में अभी भी एडीजे कोर्ट नहीं होने का अधिवक्ताओं को मलाल है।
एसडीएम एवं एसीजेएम कोर्ट में 3 किलोमीटर की दूरी
अब तक एसीजेएम कोर्ट एसडीएम कोर्ट पास पास होने के कारण अधिवक्ताओं को ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता था। लेकिन अब एसडीएम कोर्ट एवम एसीजेएम कोर्ट में 3 किलोमीटर का फैसला हो जाने के कारण जहां अधिवक्ताओं को परेशानियों का सामना करने पड़ेगा वहीं परिवादियों को भी आर्थिक नुकसान होगा।
पुराने भवन में तहसील खोलने की मांग
एसीजेएम कोर्ट का पुराना भवन अब खाली हो जाएगा ऐसे में उनियारा में अभी हाल ही में बनी तहसील का कार्यालय अंबेडकर भवन में संचालित होने के कारण उस तहसील कार्यालय को एसीजेएम कोर्ट के कार्यालय में संचालित कर दिया जाना चाहिए ऐसी उनियारा की जनता की मांग है। कार्यक्रम का मंच संचालन अधिवक्ता एम लईक अहमद ने किया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में उनियारा क्षेत्र के अधिवक्ताओं सहित जिले के कई अधिवक्ता सहित जिले के सभी न्यायिक अधिकारी, उनियारा एवं आसपास क्षेत्र के जनप्रतिनिधि कहीं गणमान्य अतिथि गण भी वहां उपस्थित थे। इसके अलावा जिले से आए हुए कई न्यायालय के अधिकारी, उनियारा उपखंड अधिकारी त्रिलोक चंद मीणा, एसपी सरिता सिंह, डीवाईएसपी सालेह मोहम्मद, सहित नगर पालिका के प्रतिनिधि नरेश गुर्जर, व्यापार संघ के अध्यक्ष संदीप गुप्ता, पूर्व पालिका अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह राणावत, कांग्रेस शहर अध्यक्ष दिनेश पाटोदी, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष नमो नारायण गौतम सहित अन्य कहीं जनप्रतिनिधि एवं अधिवक्ता गण में बाबूलाल कासलीवाल, प्रेमचंद जैन, कन्हैया लाल ठाडा, सुरेंद्र धाकड़, मस्तराम मीणा, सच्चिदानंद शर्मा सहित उपस्थित थे।