
टोडारायसिंह. डमरू वाले भगवान शंकर की निकासी में जनसैलाब उमड़ा। मौका था आमसागर नवरात्रा महोत्सव समिति व श्री हनुमान व्यायाम शाला के तहत बुधवार रात भगवान शिवजी के विवाह का।
कटला प्रांगण से सजी बैलगाड़ी में दूल्हे भगवान शंकर अपने गर्णेश्वर शंखकर्ण, केकराक्ष, विकृत, विशाख, विकृतानन, दुन्दभ, कपाल, कुंडक, काकपादोदर, वीरभद्र आदि गणराजों के साथ रवाना हुए।
इधर, नंदी, क्षैत्रपाल, भैरव आदि गणराज भी कोटि-कोटि गणों के साथ निकलेे। शरीर पर भस्म, मस्तक पर चन्द्रमा और गले में रुद्राक्ष के आभूषण पहने बाराती (गणराज) विभिन्न मार्गों से होते हुए विवाह स्थल पहुंचे।
जहां बारात में ब्रह्मा, विष्णु, नारद समेत अन्य देवगण साथ थे। शिवजी की बारात तक्षकगिरी पहाड़ी तलहटी स्थित विवाह स्थल (आमसागर) पहुंची। निकासी में बाराती नाचते-गाते अबीर-गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे।
निकासी में बैलगाड़ी में शिवजी का विकट रूप व भूत-प्रेतो की बारात का दृश्य आकर्षण का केन्द्र रहा। विवाह स्थल पर जहां शिव-गौरी का वैदिक रीति से पाणिग्रहण संस्कार (विवाह) आनंदपूर्वक हुआ। देवगणों ने पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया।
शंकर भगवान के विवाह का मंचन देखने जनसैलाब उमड़ा। रवि शर्मा ने सपत्निक शिव-पार्वती का मंचन किया। महोत्सव में मुख्य अतिथि विधायक कन्हैयालाल चौधरी व पालिकाध्यक्ष संतकुमार जैन, भाजयुमो जिला महामंत्री इंदूशेखर शर्मा ने माता की महा आरती की।