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video: अनदेखी: तीन बार पत्र लिखे, फिर भी ऑक्सीजन प्लांट को नहीं कर रहे हैण्ड ओवर

राजकीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कल्याण केंद्र टोंक में वर्चुअल उद्घाटन होने के एक साल बाद भी नगर परिषद ने अभी तक अस्पताल प्रशासन को इस प्लांट को हैंड ओवर नहीं किया है।  

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टोंक. कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे राजकीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कल्याण केंद्र टोंक में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट बनाया था, लेकिन वर्चुअल उद्घाटन होने के एक साल बाद भी नगर परिषद ने अभी तक अस्पताल प्रशासन को इस प्लांट को हैंड ओवर नहीं किया है।

ऐसे में सआदत अस्पताल की यूनिट जनाना अस्पताल टोंक में रोजाना टेंडर के जरिए 7 से 10 ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। राजकीय सआदत अस्पताल टोंक की यूनिट मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र टोंक में कोरोना की दूसरी लहर के समय मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए 100 सिलेंडर बड़़े कुल 6 हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किया था। इसका निर्माण नगर परिषद टोंक की तरफ से किया गया था। नगर परिषद ने इस ऑक्सीजन प्लांट को एक साल पूर्व ही बना भी दिया था। नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त रामधन सिराधना ने बताया कि मैं अभी कुछ दिन पहले ही आया हूं। ऐसा कोई पत्र आया है तो जानकारी कर ली जाएगी।


प्रति दिन जरूरत होती है सिलेंडर की

प्लांट को हैंड ओवर करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से नगर परिषद को तीन पत्र भेजे गए हैं। परिषद की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जब कि इस प्लांट के शुरू नही होने से एमसीएच टोंक में प्रतिदिन प्राइवेट कम्पनी से टेंडर जारी करके 7 से 10 ऑक्सीजन सिलेंडरों से मरीजों को आपूर्ति की जा रही है। एमसीएच में रोजाना करीबन 400 रुपए की ऑक्सीजन खरीदनी पड़ रही है। जब कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र टोंक के सभी वार्ड में इस ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए लाइन भी डाली जा चुकी है।

एमसीएच में लगाए गए पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को अभी तक अस्पताल प्रशासन को सुपुर्द नहीं किया गया है। इसके लिए सम्बधित एजेंसी को पत्र लिखा गया है।
डॉ. बीएल मीणा, पीएमओ सआदत अस्पताल टोंक।