गौतम पटेल/ सराड़ा. मेवाड़ संभाग में वसुंधरा राजे गौरव यात्रा निकालकर गई हैंं लेकिन यहां पर कुछ जमीनी समस्याएं ऐसी हैंं जो गौरव की बजाय शर्म महसूस करवाती हैंं। बिजली, पानी,सड़़क जैसी मूलभूत सुविधा आमजन की दरकार रहती है और सरकार का पहला काम यही होता है लेकिन उसमेंं भी हालात खराब है। उदयपुर के सराड़ा उपखण्ड स्थित कचोटा गांव में पानी की समस्या से लोग परेशान हैंं। इस गांव में फ्लोराइड युक्त पानी होने से लोगों मेंं कई तरह की बीमारियां पनप रही हैंं। जवान भी बूढे जैसे दिखने लग रहे हैंं। कुछ लोगों की हड्डियां तक मुड़़ गई हैंं और उन्होंंने खाट पकड़़ लिया है। गांव के बाहर केवल एक ही हैण्डपम्प है जिसका पानी थोड़ा मीठा होने से महिलाओं की सुबह शाम यहां भारी भीड़़ रहती है। अपनी बारी का इंतजार कर महिलाएं पानी भरकर ले जाती हैंं। ताकि यह पानी पी सकेंं। इस हैण्डपम्प के पास भी गंदगी पसरी रहती है लेकिन कोई सुध लेने वाला नहींं है। जयसमंद झील जो विश्व की मीठे पानी की मानव निर्मित बड़़ी़ झील है लेकिन इस गांव को जयसमंद का मीठा पानी भी नसीब मेंं नहींं है। 60 घरोंं की आबादी वाले इस गांव के कुछ दूरी पर ही दूसरे गांव मे जयसमंद का पानी आता है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक ढिलाई के चलते कचोटा भागल गांव मे तीन साल पहले पानी की टंकी बनी लेकिन उससे अभी तक पाइप लाइन जोड़़कर सप्लाई नहींं पहुंचाई गई है। गांव के लोगोंं ने कई बार जनप्रतिनिधियों को स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने को कहा लेकिन सुनवाई नहींं हुई। ऐसे मेंं अब महिलाओं का कहना है कि साफ पानी की व्यवस्था नहींं की तो नेताओं को गांव में नहींं घुसने देंगे।