
उदयपुर . ग्लोबल साउथ व प्लेन्टेरी फ्यूचर्स विषय पर मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी के पहले दिन विभिन्न देशों व भारत के विभिन्न राज्यों से आये शिक्षाविदों ने अपने-अपने विचार रखे व अपने शोध पत्रों का वाचन किया। सेमिनार में प्रो. मकरन्द परान्जपे जेएनयू नई दिल्ली, प्रो. वीके मल्होत्रा, मेम्बर सेकेटरी आईसीएसएसआर नई दिल्ली, प्रो. विजया रामास्वामी अध्यक्ष ऐतिहासिक शोध केन्द्र, जजेएनयू नई दिल्ली,प्रो. संतोष के. सरीन अंग्रेजी शोध केन्द्र जेएनयू नई दिल्ली, प्रो. एनी ब्रेवस्टर, न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय, डॉ. हेलन प्रिंगल न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय आदि उपस्थित थे। प्रो. पीआर व्यास भूगोल विभाग मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय द्वारा हिन्द महासागरीय क्षेत्र संस्कृति व भौगोलिक सुरक्षा के लिए भविष्य की योजना पर वार्ता की गई। ग्लोबल साउथ राष्ट्रीयता, वैश्विक ज्ञान का आदान-प्रदान आध्यात्मिक व सांस्कृतिक पहलू व स्वदेशीय ज्ञान चर्चा का मुख्य विषय रहा। इसके लिए भारत, आस्ट्रेलिया, अफ्रीका और लेटिन अमरीका देशों सहित विभिन्न ग्लोबल साउथ राष्टो के इतिहास भूगोल व संस्कृति के अन्तरसम्बन्धोंं पर प्रकाश डाला गया एवं परम्परागत ज्ञान आध्यात्म एवं जीवनशैली विषयों को शामिल किया गया। संगोष्टी के समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष अंग्रेजी विभाग प्रो. प्रदीप त्रिखा ने बताया की देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों करीब 70 सदस्य पहुंचे हैं। साथ ही आस्टे्रलिया से चार, जर्मनी से दो शिक्षाविद व प्रतिभागी संगोष्टी में भाग लेने के लिए पहुंचे। 18 जनवरी तक होने वाली तीन दिवसीय संगोष्टी मेें विभिन्न विषयों पर सत्रह सेशन होंगे।