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डॉ कफील ने सीएम योगी पर लगाए गंभीर आरोप, कहा भारत की आने वाली पीढियों पर मंडरा रहा खतरा
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डॉ कफील ने सीएम योगी पर लगाए गंभीर आरोप, कहा भारत की आने वाली पीढियों पर मंडरा रहा खतरा

सीएम को दी चेतावनी, सरकार सार्वजिनिक रूप से माने गल्ती, मृत बच्चों के परिजनों को मिले मुआवजा। आक्सीजन की कमी से ही हुई 45 बच्चों की मौत।

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वाराणसी. बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस पीड़ित 45 बच्चों की मौत का मामला अभी तक सुलझा नहीं है। किसी परिवार को अब तक किसी तरह की राहत नहीं मिली है। किसी को मुआवजा नहीं मिला। कहने को यूपी सरकार और खुद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ उस प्रकरण पर लगातार तरह-तरह के बयान देते रहे हैं। लेकिन हकीकत को लगातार छिपाया गया है। यहां तक जिस डॉ कफील ने मौत से लड़ रहे बच्चों को बचाने की कोशिश की उन्हें निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं उन पर, उनके भाई पर जानलेवा हमला हुआ। गोलियां चलीं, लेकिन दो महीने हो गए एक भी शूटर का पता नहीं चला। पत्रिका से बातचीत में डॉ कफील खान ने मुख्यमंत्री और योगी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

सरकार दो तरह की बात कर रही
डॉ कफील से जैसे ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत का मामला उठाया गया वह काफी भावुक हो गए। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री हों या यूपी सरकार, पब्लिक के बीच कुछ और कहती है और कोर्ट में कुछ और। बताया कि कोर्ट में सरकार ने स्वीकार किया है कि बच्चों की मौत आक्सीजन की कमी से हुई जबकि पब्लिक के बीच लगातार यह बयान दिया गया कि आक्सीजन की कमी से किसी बच्चे की जान नहीं गई।

सीएम करते हैं गलत बयानी, बीआरडी में बुनियादी सुविधाएं नहीं

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री जो पहले गोरखपुर के सांसद रहे वह दावा करते हैं कि उन्होंने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए काफी कुछ किया। बड़ा अनुदान दिलाया। बाल रोग विभाग का विस्तार कराया। लेकिन यह सब हकीकत से दूर है। अस्पातल खुद रोगी है। वहां जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ, नहीं तो एक साल में 1200 बच्चों की जान नहीं जाती। वहां सुविधाओं का काफी अभाव है।

मृत बच्चों के परिजनों को मिले न्याय

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सार्वजिनिक रूप से सच सामने लाना चाहिए। इतना ही नहीं सच लाने भर से काम नहीं होने वाला बल्कि उन बच्चों के परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए। जिनकी जान गई उन्हें तभी न्याय मिलेगा। इस तरफ तो सरकार ध्यान दे नहीं रही।

कर दें सेवा समाप्त

उन्होंने कहा कि साल भर होने को आया मुझे बेवजह दंडित किया जा रहा है। सरकार या तो मेरा निलंबन खारिज करे या मुझे निकाल बाहर कर दे। मैं एक डॉक्टर हूं, सरकारी अस्पताल में नहीं रहूंगा तो कहीं भी डिस्पेंसरी खोल कर बैठ जाउंगा। जनता की सेवा करूंगा। लेकिन सरकार न निलंबन वापस ले रही न सेवा समाप्त कर रही है। यह प्रताड़ना नहीं तो और क्या है। हम तो सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं और अंतिम दम तक लड़ते रहेंगे।

सीएम जहां सो रहे थे उसके पास चली गोलियां नहीं पकड़े गए शूटर

कहा कि मुझ पर हमला हुआ। मेरे भाइयों पर हमला हुआ। यहां तक कि मुख्यमंत्री जहां सो रहे थे उससे कुछ ही दूरी पर मेरे भाई पर गोलियां चलाई गईं। दो महीना हो गया एक भी शूटर की नहीं पकड़ा गया। पकडना तो दूर किसी की शिनाख्त तक नहीं हुई। कहा कि हम लोगों ने तो जैसे-तैसे काट लिया लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के रहते हमारी अगली पीढ़ी का इंडिया में रहने लायक माहौल नही रहेगा।

 

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