
वाराणसी. यूपी पुलिस के जवान हों या वरिष्ठ अधिकारी जिसने अपनी वर्दी की लाज बचाने की ठान ली, जिसने उस तिरंगे का मान रखने का बीड़ा उठा लिया उसके लिए जीवन-मरण कोई मायने नहीं रखता। कैसी भी विषम परिस्थिति हो वह अपनी जान की बाजी लगा ही देता है। ऐसा ही कुछ बुधवार को वाराणसी में देखने को मिला। इस बार कोई नायक नहीं बल्कि नायिका बनीं सीओ चेतगंज अंकिता सिंह जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगा कर दर्जनों लोगों की जान बचाई।
वाकया है मङुवाङीह थाने के भेलुपुर सर्किल लहरतारा का, जहां एक बहुमंजिली इमारत में विस्फोट हो गया विस्फोट ऐसा था कि दूर दूर तक का इलाका दहल गया। दरअसल इस इमारत में पटाखा फैक्ट्री थी। एक झटके में ही सब कुछ तबाह हो गया। चारों तरफ अफरा-तफरी मची थी। इसकी सूचना लगी सीओ चेतगंज अंकिता को तो वह खुद को रोक नहीं पाईं और सर्किल न होने के बावजूद भी मौके पर पहुंच गई। वह केवल पहुंची ही नहीं बल्कि अपनी जान जोखिम में डाल कर विस्फोट वाली इमारत में घुस गईं। उसमें फंसे लोगों को जैसे-तैसे बाहर किया। फिर खुद खिड़की से कूद कर बाहर निकलीं।
अपनी जान की बाजी पर लगा कर मलबे में दबे लोगों को निकलवा कर कबीरचौरा स्थित मंडलीय हॉस्पिटल भिजवाया। आम नागरिकों में महिला अधिकारी के निष्ठा पूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण कार्य की हो रही है भारी प्रशंसा।