वाराणसी. उफान पर आयी गंगा अब शांत होने लगी है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में कमी होने लगी है। प्रति एक सेंटीमीटर की दर से पानी कम हो रहा है। दोपहर में गंगा का जलस्तर 66.72 मीटर था जो खतरे के निशान से लगभग पांच मीटर कम है। घाट के डूब जाने के चलते मणिकर्णिका घाट की छत पर शव का अंतिम संस्कार हो रहा है।
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गंगा के उफान के आने के चलते घाटो का आपस में सम्पर्क पहले ही टूट चुका है। हरिश्चन्द्र व मणिकर्णिका घाट का एक हिस्सा बाढ़ के पानी में डूब चुका है। नतीजतन लोगों को घाट की छत पर शव का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र के महाश्मशान की स्थिति सुधारने के लिए बजट जारी किया हुआ है। मणिकर्णिका घाट की छत पर कई प्लेटफार्म बनाये गये हैं जहां पर लोगों को अंतिम संस्कार करने में अधिक दिक्कत नहीं हो रही है। बताते चले कि पूर्व वर्षों में ऐसा नहीं होता था। गंगा के उफान पर आते ही घाट की गलियों में ही शवदाह करने को लोग विवश थे आस-पास के लोगों को शव के जलने से आने वाली दुर्गंध से बेहद परेशानी उठानी पड़ती थी जिससे अब उन्हें राहत मिल गयी है। जानकारों की माने तो पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते एक बार फिर गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है।
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वरुणा के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी
गंगा के उफान पर आने के चलते वरुणा नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। वरुणा में पानी बढऩे से किनारे रहने वालों की धुकधुकी बढ़ गयी है। बढ़े जलस्तर के कारण वरुणा कॉरीडोर को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मानसून सीजन को छोड़ दिया जाये तो वरुणा में पानी की जगह सीवर जल बहता है और बारिश में वरुणा नदी अपने असली रुप में आ पाती है।
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नाव के संचालन पर लगी है रोक, एनडीआरएफ अलर्ट पर
गंगा के उफान पर आने के चलते नाव के संचालन पर पहले ही रोक लगायी गयी है। एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया है। एनडीआरएफ की टीम लगातार गंगा के जलस्तर की मॉनीटरिंग कर रही है। जल पुलिस भी सतर्क है और गंगा में नाव चलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा रही है। गंगा में पानी कम होने तक नाविकों का इंतजार करना होगा। इसके बाद ही उनकी कमाई हो पायेगी।