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काशी की इस बेटी ने कर दिया ऐसा काम कि दुनिया भर में हो गया नाम, अमेरिकी राष्ट्रपति के चित्र वाला सोने का सिक्का मिला ईनाम
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काशी की इस बेटी ने कर दिया ऐसा काम कि दुनिया भर में हो गया नाम, अमेरिकी राष्ट्रपति के चित्र वाला सोने का सिक्का मिला ईनाम

यूरेशिया वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराया नाम, जाने आखिर क्या किया इस बेटी ने...

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वाराणसी. काशी को यूं नहीं धर्म, संस्कृति और शिक्षा का केंद्र माना जाता है। जिस तरह यहां कण-कण में भोलेनाथ बसते हैं वैसे ही यहां के बच्चे-बच्चे में अलौकिक क्षमता और विशेष गुण विद्यमान है। ऐसी ही एक छात्रा ने ऐसा कारनाम किया कि वह दुनिया भर में मशहूर हो गई। यह बेटी है महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की छात्रा।

विद्यापीठ की छात्रा नेहा सिंह ने अंगुलियों के निशान बना बना कर पूरी हनुमान चालीसा लिख दी है। नेहा ने 38417 उंगलियों के निशान से 137 मीटर के कपड़े पर यह हनुमान चालीसा लिखी है। नेहा सिंह द्वारा उंगलियों के निशान से लिखी गई हनुमान चालीसा का विमोचन सोमवार को संकट मोचन मंदिर में पद्मश्री डॉ. सरोज चूड़ामणि एवं वाणिज्य कर उप आयुक्त राकेश सिंह ने किया। साथ ही यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि के रूप में काशी के नाम 4 बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने वाले जगदीश पिल्लई की मौजूदगी में नेहा सिंह को यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र भी दिया गया। साथ ही यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड का मेडल व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के का चेहरा अंकित किया हुआ स्वर्ण सिक्का भी नेहा को प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा शहर के कई गणमान्य लोगों ने उसे बधाई के साथ लगभग 50 हजार रुपये सहायता राशि व कई तरह के उपहार प्रदान किए।

इस अवसर पर नेहा ने बताया कि वह काशी विद्यापीठ की प्रो. मंजुला चतुर्वेदी द्वारा किए गए समाजिक कार्यों से प्रेरणा लेती हैं और हमेशा कुछ नया करने की सोचती रहती हैं। नेहा ने बताया कि हनुमान चालीसा लिखने के इस कार्य में भी मंजुला चतुर्वेदी के अलावा बीएचयू के प्रो. सुरेश नायर व राम माहेश्वरी का भरपूर सहयोग मिला।

नेहा ने बताया कि बेटी बचाओ, बेटी पढाओ मुहिम के तहत एक नया रिकार्ड बनाने की तैयारी मे है। अगले साल तक इसी तरह का एक क्रियात्मक कार्य करके गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराना है। उसने बताया कि इससे पहले पिछले साल 16 लाख मोतियों से भारत का नक्शा तैयार किया था, जिसके लिए इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में मेरा नाम दर्ज हुआ।

नेहा सिंह