
वाराणसी. इज्जेमाई रुइयते हेलाल कमेटी के उलेमाओं ने शहर के सभी मस्जिदों के मुतवल्ली की बैठक मंगलवार को मस्जिद खुदा बख्श जायसी लंगड़े हाफिज, नई सड़क में बुलाई। बैठक में उलेमाओं ने कहा कि जनहित को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्णय को माना जायेगा। मस्जिद के मुतवल्ली लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए जिला प्रशासन से निर्धारित प्रोफार्मा भर कर अनुमति लें। इसके अतिरिक्त उलेमाओं ने जिला प्रशासन से अनुमति लेने की अवधि बढ़ाने की मांग की है।
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मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि लाउडस्पीकर हटाने के प्रकरण पर जिला प्रशासन व हम लोगों को मिल कर काम करना होगा। लोगों को अधिक जानकारी नहीं है कि कहां से प्रोफार्मा मिलेगा और कहां पर जमा किया जायेगा। ऐसे में आवश्यक हो जाता है कि जिला प्रशासन से हमें सारी जानकारी मिले, जिससे अनुमति लेने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। समय बहुत कम बचा है इसलिए जिला प्रशासन समय सीमा बढ़ा देता है तो सभी लोगों को प्रोफार्मा भरने में सहूलियत होगी। मौलाना अब्दुल्ला नासिर ने कहा कि हाईकोर्ट ने वर्षों पहले ही यह निर्देश दिया था, जिसे सीएम योगी सरकार अब लागू कर रही है। हाईकोर्ट के निर्देश का पालन किया जायेगा। बैठक में अशरफ एडवोकेट, मौलाना नूरुल हसन, मौलाना अब्दुल यूनुस, मौलाना अब्दुल मतीन आदि उलेमा उपस्थित थे।
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जिला प्रशासन ने दिया है १15 जनवरी तक का मौका
सीएम योगी सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए १५ जनवरी तक धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने का आदेश जारी किया है। यूपी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाया जा सकता है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने सभी धार्मिक स्थलों को 15 जनवरी तक का मौका दिया है। इसमे मंदिर व मस्जिद दोनों शामिल है।
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