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ढाई माह बाद आज से खुलेंगे मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे, चर्च अभी नहीं खुलेगा

प्रशासन ने सभी धर्म के लोगों को बुलाकर दी नियमों की जानकारी

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ढाई माह बाद आज से खुलेंगे मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे, चर्च अभी नहीं खुलेगा

ढाई माह बाद आज से खुलेंगे मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे, चर्च अभी नहीं खुलेगा

विदिशा. लॉक डाउन होने के साथ ही तमाम मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे और चर्च पर भी ताले डल गए थे। केवल पूजा करने के लिए दो-तीन लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति थी। विभिन्न धर्मों के आम धर्मावलंबी प्राय: अपने धर्मस्थलों पर नहीं जा पा रहे थे। लेकिन 8 जून से ईश्वर, अल्लाह, गुरूनानक देवकी आराना करने के धर्मस्थलों को सभी धर्मावलंबियों के लिए खोला जा रहा है। हालांकि धर्म स्थलों पर अब भी नियम कायदों का पहरा रहेगा। न घंटा बजा सकेेंगे, न पुष्प, प्रसादी चढ़ा सकेंगे और यहां तक कि मत्था भी नहीं टेक सकेंगे। सामाजिक दूरी बनाए रखने की शर्त सबके साथ रहेगी। यहां बता दें कि सेंट मेरी चर्च प्रबंधन ने अभी नगर के श्रद्धालुओं के लिए नहीं खोला जाएगा।

ये है प्रशासन की गाइड लाइन
एसडीएम गोपाल सिंह वर्मा, डिप्टी कलेक्टर तन्मय वर्मा और सीएसपी विकास पांडेय ने सभी धर्मों के प्रतिनिधियों से चर्चा में प्रशासन की जो गाइड लाइन बताई उसके अनुसार-
्र-धर्म स्थलों में घंटे नहीं बजाए जाएं।
-हाथ पैर धोकर ही प्रवेश करें दर्शनार्थी।
-बाहर जूते-चप्पल दूर दूर उतारें।
-बिना मास्क के प्रवेश न करें।
- प्रतिमाओं, रैलिंग, शास्त्रों को स्पर्श न करें।
-फूल माला, प्रसाद न चढ़ाएं, न बांटें।
-मंदिरों में बैठने के लिए दरी, मैट न बिछाएं।
-जैन मंदिरों में चावल न चढ़ाएं, मंदिर के शास्त्रों का स्पर्श न करें।
-मस्जिदों में वुजुं घर से करके आएं।
-धार्मिक स्थलों पर सोशल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखें।
-धार्मिक स्थलों को रोजाना सेनेटाइज करें।
-किसी भी हाल में भीड़ न लगने दें।

न घंटे बजेंगे और न फूलमाला चढ़ेंगी- पुरोहित
चरणतीर्थ मंदिर के पुजारी और मप्र पंडित महासभा के संयोजक पं. संजय पुरोहित बताते हैं कि प्रशासन से हुई चर्चा में निर्णय हुआ है कि मंदिर में सिर्फ दर्शन करने के लिए श्रद्धालु जा सकेेंगे। मंदिर में पुष्प, मालाएं और प्रसादी चढ़ाना प्रतिबंधित रहेगा। प्रसाद और चरणामृत वितरण की भी मनाही है। मंदिर में मत्था टेकने और घंटी बजाने को भी मना किया गया है। श्रद्धालुओं से मास्क पहनकर ही आने की अपेक्षा भी है। मंदिर परिसर को सेनेटाइज करने के निर्देश हैं।

वुजुं घर से करके आएंगे नमाजी: हाफिज मंसूर
मस्जिद झूलनपीर के पेश इमाम हाफिज मंसूर कहते हैं कि शासन-प्रशासन के निेर्देशों और कानून का पूरा पालन होगा। सभी नमाजी घर से ही वुजुं करके आएंगे। मस्जिद में किसी को वुजुं नहीं करने दिया जाएगा। नमाज के दौरान सभी की एक दूसरे से पर्याप्त दूरी होगी। एक बार में सीमित लोग ही नमाज पढ़ सकेेंगे। ज्यादा लोग होंगे तो दूसरे राउंड में नमाज पढ़ाई जाएगी। मस्जिद को सेनेटाइज कराएंगे और पूरे परिसर को दो बार धुलवाया जाएगा।

नहीं लगने देंगे गुरूद्वारे में भीड़-ज्ञानी मंजीत
गुरूद्वारे की व्यवस्थाओं के बारे में ज्ञानी मंजीत सिंह बताते हैं कि हमने पहले से ही काफी इंतजाम कर रखे हैं। गुरूद्वारे में हाथ पैर धोकर ही प्रवेश मिलता है। जूते-चप्पल अलग ही रखे जाते हैं। अब और ध्यान रखा जाएगा। किसी भी हाल में भीड़ नहीं होने देंगे। दो-चार लोग ही एक बार में प्रवेश कर सकेंगे। किसी भी प्रकार के उत्सवों की इजाजत नहीं होगी। अरदास होगी, लेकिन उसमें भी सीमित संख्या रहेगी। प्रसादी और लंगर के आयोजन भी नहीं होंगे।

जैन मंदिर में शास्त्र अपने घरों से लाएंगे-डॉ राजीव
सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष डॉ राजीव चौधरी प्रशासन के नियमों और हिदायत का पालन कराया जाएगा। मंदिर में हाथ पैर धोकर ही प्रवेश मिलता है। जैन मंदिरों में चावल चढ़ाकर आराधना की परम्परा है, लेकिन नए निर्देशों के तहत चावल चढ़ाना भी संभव नहीं है। शास्त्रों का वाचन तो होगा, लेकिन बैठने के आसन और मंदिर के शास्त्रों को स्पर्श करने की बजाय अपने घरों से ही शास्त्र लाने के लिए धर्मावलंबियों से कहा जाएगा। प्रतिमा का स्पर्श कोई नहीं करेगा।

हालात सामान्य न होने तक चर्च नहीं खोलेंगे-फादर फ्रीजो
सेंट मेरी चर्च के फादर फ्रीजो बताते हैं कि अभी परिस्थितियां सामान्य नहीं लगतीं। ऐसे में जो सही है हम वही करेंगे। फिलहाल तो हम चर्च को आम श्रद्धालुओं के लिए नहीं खोलेंंगें। केवल संस्था के 20 लोग ही चर्च की प्रार्थना में हिस्सा ले सकेंगे। इसके बाद जब जैसे हालात होंगे वैसे निर्णय लिए जाएंगे। संक्रमण बढ़ता है या कम होता है, इसके आधार पर फैसला लेंगे। इतना इंतजार किया है तो फिर अब जल्दी किस बात की करना।