
विदिशा। इस जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर को उन्नयन कर बीएससी नर्सिंग कॉलेज बनाए जाने की मिली शासन से मंजूरी।
विदिशा। बीएससी नर्सिंग कोर्स करने की इच्छुक छात्राओं के लिए यह अच्छी खबर है, क्योंकि शासन ने बीएससी नर्सिंग कॉलेज के लिए मंजूरी दे दी है और नए सत्र में इसकी शुरुआत हो जाएगी। जिससे बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए अब छात्राओं को प्रदेश के अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। मालूम हो कि मेडिकल कॉलेज और नया जिला अस्पताल खुलने के बाद यह एक और नई सौगात स्वास्थ्य क्षेत्र में मानी जा रही है।
स्वयं के भवन में यह संचालित हो रहा
मालूम हो कि जिला मुख्यालय पर 2014 से जीएनएम टे्रनिंग सेंटर संचालित है। पूर्व में दो अलग-अलग जगह संचालित होने के बाद 2016 से अपने स्वयं के भवन में यह संचालित हो रहा है। यहां जीएनएम कोर्स करने वाली सभी छात्राओं को हॉस्टल की सुविधा है। साथ ही यहां तमाम प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होने तथा सर्वसुविधा युक्त नया जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज खुल जाने के कारण शासन ने यहां बीएससी नर्सिंग कॉलेज शुरु करने का निर्णय लिया। जिसके चलते जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर का उन्नयन कर बीएससी नर्सिंग कॉलेज किया जाएगा। जिसकी तमाम कागजी कार्रवाई पूर्ण हो गई है। अगले सत्र से छात्राओं की भर्ती शुरु हो जाएगी।
यह होगा लाभ
जीएनएम टे्रनिंग सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार अभी यहां जो डिप्लोमा कोर्स कराया जाता है वह तीन वर्षीय है। इस कोर्स को करने के बाद छात्राएं स्टॉफ नर्स बन जाती हैं। जो सरकारी या निजी अस्पताल कहीं भी जॉब कर सकती हैं। लेकिन बीएससी नर्सिंग कॉलेज खुल जाने से यही नर्सिंग कोर्स चार साल का हो जाएगा। जिसको करने के बाद अस्पताल में नौकरी मिलने के साथ ही छात्राएं सीधे प्रशिक्षक भी बन सकती हैं, जो अन्य नर्सेस को प्रशिक्षण देने के साथ ही कॉलेज में भी प्रशिक्षण दे सकती हैं। जबकि सिर्फ जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर से डिप्लोमा अकेले करने पर प्रशिक्षक बनने के लिए स्टॉफ नर्स को कम से कम पांच साल इंतजार करना होता था। जिससे उनका प्रमोशन भी प्रभावित होता था।
ऐसे होगी भर्ती
बीएससी नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा अभ्यर्थियों को सबसे पहले पास करना होगी। इसके बाद विदिशा बीएससी नर्सिंग कॉलेज मिलने पर यहां कॉलेज में ही प्राचार्य सहित अन्य अधिकारियों द्वारा काउंसलिंग की जाएगी। जिसमें सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी, जो सब सही पाए जाने पर प्रतिशत के आधार पर भर्ती के लिए चयन किया जाएगा।
अगले दिसम्बर से होगी भर्ती
बीएससी नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए अगले सत्र यानि दिसम्बर 2020 से इसकी शुरुआत होगी। जिसके लिए तमाम तैयारियां स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयारियां जोरों से की जा रही हैं। प्रत्येक बैच में 60 छात्राओं का प्रवेश होगा। वहीं जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर के लिए एक काउंसलिंग हो चुकी है, जिसमें 35 छात्राओं का चयन हुआ था, एक ने प्रवेश नहीं लिया और दूसरे चरण में काउंसलिंग 26 दिसम्बर को होगी। इस प्रकार जीएनएम के लि 60 छात्राओं का नया बैच तैयार हो जाएगा।
इनका कहना है
जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में तमाम सुविधाएं छात्राओं के लिए उपलब्ध होने के साथ ही यहां मेडिकल कॉलेज व नया जिला अस्पताल खुल जाने के कारण बीएससी नर्सिंग कॉलेज की मंजूरी शासन से मिल गई है। इस कारण अब यहां की छात्राओं को इस कोर्स के लिए महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
- अंजू शर्मा, प्राचार्य, जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर, विदिशा
जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर का उन्नयन कर बीएससी नर्सिंग कॉलेज के लिए शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। अगले सत्र से इसकी शुरुआत हो जाएगी। यह विदिशा के लिए एक और बड़ी सौगात है। जिसका लाभ स्थानीय छात्राओं को मिलेगा।
- डॉ. केएस अहिरवार, सीएमएचओ, विदिशा
Published on:
22 Dec 2019 11:51 am
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