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Exam center पहुंचने 6 किमी तक की दूरी तय करना होगी परीक्षार्थियों को

कक्षा-5वीं व 8वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी

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Exam center पहुंचने 6 किमी तक की दूरी तय करना होगी परीक्षार्थियों को

Exam center पहुंचने 6 किमी तक की दूरी तय करना होगी परीक्षार्थियों को

विदिशा। जिले में लंबे समय बाद एमपी बोर्ड कक्षा पांचवी व आठवीं की परीक्षा आयोजित होने जा रही है। 1 अपै्रल से होने वाली इस परीक्षा की समस्त तैयारियां शिक्षा विभाग द्वारा की जा चुकी है। परीक्षाओं के लिए 445 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें इन कक्षाओं के करीब 37 हजार 840 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षार्थियों का सत्यापन कार्य हो चुका और अब स्कूलों में प्रवेश पत्रों का वितरण भी शुरू किया जा चुका है। परीक्षा केंद्र संकुल स्तर पर बनाए गए हैं जिससे बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में छह किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कक्षा पांचवी व आठवीं की यह बोर्ड परीक्षा वर्ष 2009 से बंद थी। इन परीक्षाओं को गत वर्ष भी बोर्ड के रूप में ली जा रही थी लेकिन कोरोनाकाल के कारण परीक्षा प्रभावित हुई और अब इन दोनों बोर्ड परीक्षाओं को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने की तैयारी जारी है। इसके तहत संकुल स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं वहीं प्राचार्यों द्वारा सभी परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी करने का कार्य किया जा रहा है। परीक्षाओं के लिए निरीक्षण दल भी गठित किए जा चुके हैं। यह परीक्षाएं 1 अपै्रल से शुरू होकर 11 अपै्रल तक चलेगी। परीक्षा का समय सुबह ९ बजे से 11.30 बजे तक रहेगा।
परीक्षा में फैल होने पर मिलेगा दोबारा मौका
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बोर्ड की इन मुख्य परीक्षाओं में फैल होने पर बच्चों को दोबारा परीक्षा पास करने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित शिक्षक इस मुख्य परीक्षा में फैल हुए बच्चों को दो माह स्कूल में कक्षाएं लगाकर अध्ययन कराएंगे और फिर इन बच्चों को जुलाई माह में परीक्षा दिलाकर इन्हें परीक्षा में उत्तीर्ण होने का मौका दिया जाएगा।
परीक्षा केंद्र की दूरी बढ़ा सकती मुश्किलें
इस परीक्षा में कक्षा ५वीं व ८वीं के 10 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे। कम उम्र के बच्चे होने के बाद भी इनके केंद्रों की दूरी छह किमी तक रखी है। इन स्थितियों के चलते परीक्षार्थियों के सामने समस्या आ सकती है। इस संबंध में परीक्षा की व्यवस्थाओं से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि संकुल स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाए जाना था। इस कारण स्कूलों की दूरी 8 से 1० किमी तक हो गई थी। बाद में अधिकारियों द्वारा विषम परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रों की संख्या बढ़ाकर यह दूरी पांच से छह किमी तक की गई है।
वर्जन
बच्चों की दशा और अवस्था का रखा जाना था ध्यान
परीक्षा केेंद्र की दूरी तय करने में बच्चों की दशा, अवस्था और पारिवारिक स्थितियों को ध्यान में रखा जाना था। स्कूलों के केंद्राध्यक्ष बदलकर गांव के स्कूलों में यह परीक्षा दिलाई जा सकती है। शासकीय स्कूलों में गरीब मजदूर वर्ग के बच्चे अध्ययन करते हैं इनके पास संसाधनों की कमी रहती है। ऐसे में किसी बच्चे को यह ६ कमी की दूरी पैदल तय करना पड़ी तो वह परीक्षा में क्या लिखेगा। यह दूरी बच्चों के हित में नहीं है।
-विजय चतुर्वेदी, शिक्षाविद्
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परीक्षा की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र भी वितरित किए जा चुके और परीक्षाओं के निरीक्षण के लिए दल गठित किए गए हैं। इस परीक्षाओं में फैल होने पर ऐसे परीक्षार्थियों को दोबारा जुलाई माह में परीक्षा दिलाई जाएगी।
-लक्ष्मणसिंह यादव, बीआरसी
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परीक्षा केंद्रों की जहां अधिक दूरी है वहां शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जो बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में मदद करेंगे। परीक्षा में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-अतुल मोदगिल, डीईओ
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