28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर में पहली बार निकाली गई भगवान चित्रगुप्त की शोभायात्रा

सनातन धर्म के तहत सभी वर्गों को एकत्रित करने निकाली गई शोभायात्रा

2 min read
Google source verification
shabhayatra news, vidisha news, vidisha patrika news, patrika news, bhagwan chitragupt news

विदिशा। सनातन धर्म के तहत सभी वर्गों को एकत्रित करने के उद्देश्य से कायस्थ समाज द्वारा शहर में पहली बार भगवान चित्रगुप्त की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें हर वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। जगह-जगह भगवान चित्रगुप्त का पूजन और शोभायात्रा का स्वागत हुआ। वहीं बैंडबाजों और डीजे पर बज रहे भजनों की धुनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए चल रहे थे।

किलेअंदर स्थित बालाजी मंदिर में सुबह 10 बजे से समाजनों के साथ ही अन्य लोग एकत्रित होने लगे थे। वहां भगवान का पूजन कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया।

शोभायात्रा में सबसे आगे दो घुड़सवार धर्मध्वज लिए हुए चल रहे थे। उनके पीछे डीजे चल रहा था, जिस पर बज रहे भजनों की धुनों पर युवा हाथ में ध्वज लिए नाचते-गाते हुए चल रहे थे। कुछ रथों में कवि महादेवी वर्मा, स्वामी विवेकानंद, लाल बहादुर शास्त्री, सुभाषचंद्र बोस सहित कई देशभक्तों आदि के कटआउट रखे हुए थे। रंग-बिरंगी डे्रस में सजे-धजे बैंडबाजे वाले चल रहे थे। उनके पीछे बड़ी संख्या में महिलाएं भजन गाते हुए चल रहीं थीं।

एक रथ पर भगवान चित्रगुप्त का कटआउट रखा हुआ था। एक रथ पर भगवान चित्रगुप्त के प्रतिरूप विराजित थे, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इसी प्रकार महादेवी वर्मा सहित अन्य महान लोगों के प्रतिरूप भी विभिन्न रथों पर विराजित रहे। फिर बैंडबाजे वाले चल रहे थे। उनके पीछे बड़ी संख्या में विभिन्न समाज के लोग चल रहे थे। इस दौरान नगरपालिका अध्यक्ष मुकेश टंडन सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

जगह-जगह हुआ स्वागत

विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने जगह-जगह भगवान चित्रगुप्त का पूजन कर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा का एक छोर बड़ा बाजार में था, तो दूसरा छोर तिलकचौक के आगे तक पहुंच गया था। शोभायात्रा में रास्तेभर बीच-बीच में आकर समाजजनों के अलावा विभिन्न समाज के लोग भी शामिल होते गए और शोभायात्रा विशाल होती गई। शोभायात्रा पेढ़ी चौराहा, बड़ाबाजार, तिलकचौक, निकासा होते हुए माधवगंज पहुंची, जहां शोभायात्रा का समापन हुआ। इसके बाद चित्रगुप्त मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने शामिल होकर प्रसादी ली। शोभायात्रा में प्रमुख रूप से सुधीर श्रीवास्तव, शरद श्रीवास्तव, कैलाश सक्सेना, अशोक सक्सेना, कृष्णमोहन श्रीवास्तव, अभिषेक, विजय श्रीवास्तव, राजेश आदि मौजूद रहे।